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धनबाद :  वार्ड 11 के पार्षद पर बच्चे की जानकारी छिपाने का आरोप, कोर्ट ने भेजा नोटिस

  • सदस्यता पर मंडरा रहा खतरा

Dhanbad :  धनबाद के वार्ड नंबर 11 (कुस्तौर) से नवनिर्वाचित पार्षद बद्री रविदास की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. चुनाव में उनसे पराजित प्रत्याशी प्रह्लाद कुमार ने उन पर नामांकन के दौरान शपथ पत्र में अहम जानकारी छिपाने का गंभीर आरोप लगाते हुए अदालत का दरवाजा खटखटाया है.

 

प्रह्लाद कुमार ने अपनी याचिका में पार्षद के निर्वाचन को अवैध घोषित करने की मांग की है. इस मामले में धनबाद के अवर न्यायाधीश की अदालत ने याचिका को स्वीकार करते हुए सुनवाई के लिए मंजूरी दे दी है और पार्षद बद्री रविदास को नोटिस जारी करने का आदेश दिया है.

 

प्रह्लाद कुमार की ओर से पैरवी कर रहे वरीय अधिवक्ता बृजेन्द्र प्रसाद सिंह ने बताया कि झारखंड नगर निकाय चुनाव नियमावली के तहत प्रत्येक उम्मीदवार को नामांकन के समय शपथ पत्र देना अनिवार्य है. इसमें आपराधिक मामलों के साथ-साथ पारिवारिक विवरण, विशेष रूप से बच्चों की संख्या का स्पष्ट उल्लेख करना होता है.

 

याचिका में आरोप लगाया गया है कि बद्री रविदास ने अपने शपथ पत्र में केवल दो बच्चों का उल्लेख किया. जबकि वास्तविक में उनके तीन बच्चे हैं. याचिका में बताया गया है कि उनके तीसरे बच्चे का जन्म वर्ष 2018 में हुआ है.

 

उन्होंने कहा कि झारखंड नगर पालिका निर्वाचन नियमावली के अनुसार यदि किसी प्रत्याशी के यहां 9 फरवरी 2013 के बाद तीसरे बच्चे का जन्म होता है तो वह चुनाव लड़ने के लिए अयोग्य हो जाता है. प्रह्लाद कुमार का दावा है कि बद्री रविदास ने न सिर्फ तथ्यों को छिपाया, बल्कि नियमों का उल्लंघन करते हुए चुनाव भी लड़ा और जीत हासिल की.

 

बृजेन्द्र प्रसाद सिंह ने यह भी कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से अदालत में तीसरे बच्चे का नगर निगम द्वारा जारी जन्म प्रमाण पत्र, आंगनबाड़ी सेविका की रिपोर्ट और आधार कार्ड जैसे दस्तावेज भी प्रस्तुत किए गए हैं.

 

अदालत द्वारा नोटिस जारी किए जाने के बाद पार्षद बद्री रविदास को अपना पक्ष रखने का अवसर दिया जाएगा. यदि आरोप नसाबित होते हैं तो उनकी सदस्यता रद्द होने तक की कार्रवाई हो सकती है.

 

 

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