खराब चापानलों की नहीं शुरू हुई मरम्मत
शहरी क्षेत्र में करीब 3 हजार सरकारी चापानल हैं. इनमें से हर साल आधे से अधिक चापानल खराब हो जाते हैं, निगम के अधिकारियों को सिर्फ गर्मी में ही इनकी याद आती है. अभी तक निगम की टीम चापानलों की खराबी ही ढूंढ रही है. वहीं दूसरी ओर टेंडर कर मार्च में ही मरम्मत शुरू करने के दावे किए जा रहे हैं. ज्ञात हो कि शहर में 10 से अधिक वार्डों के लोग चापानल पर निर्भर हैं. भूली, बरमसिया, भूदा, चिरागोड़ा, हीरापुर, वासेपुर, मनोरम नगर आदि जगहों पर बड़ी आबादी चापानल पर निर्भर है.13 टैंकर को है मरम्मत की दरकार
नगर निगम में छोटे-बड़े कुल 29 पानी के टैंकर हैं. इनमें से 13 जर्जर अवस्था में हैं. पानी की किल्लत शुरू हो चुकी है, लेकिन अभी तक खराब टैंकरों की मरम्मत का काम शुरू नहीं हुआ है. अधिकारी दावा कर रहे है कि खराब टैंकर को मरम्मत के लिये भेज दिया गया है.60 प्रतिशत ही हुआ जलापूर्ति योजना का काम
शहरी क्षेत्र के 40 प्रतिशत हिस्से में बीसीसीएल कोयला उत्खनन का काम कर रही है. इन्हीं इलाकों में शहर की बड़ी आबादी भी निवास करती है. गर्मी में धूल के अलावा पानी की किल्लत का सामना भी वहां के लोगों को ही करना पड़ता है. इसके समाधान के लिये छह साल से करीब एक हजार करोड़ रुपये की जलापूर्ति योजना का काम चल रहा है, लेकिन काम अभी तक 60 प्रतिशत ही हुआ है. यहीं वजह है कि हर साल इन क्षेत्रों में लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ता है. यह भी पढ़ें : धनबाद:">https://lagatar.in/dhanbad-on-the-occasion-of-holi-the-police-will-keep-a-close-watch-everywhere/">धनबाद:होली के अवसर पर हर तरफ पुलिस की रहेगी पैनी नजर
इन इलाकों में ज्यादा परेशानी
झरिया, लोदना, गोल्डन पहाड़ी, नार्थ तीसरा, विस्थापन स्थल, एम ओसीपी कॉलोनी, तिसरा अस्पताल, बंगाली कोठी, बेल धौड़ा के अलावा कतरास, लोयाबाद, छोटानगरी आदि क्षेत्रों में गर्मी में हर साल लोगों को जल संकट का सामना करना पड़ता है. कई लोग पानी खरीद कर पीते हैं, तो कई दूर दराज से पानी लाकर गुजर-बसर करते हैं.शहरी क्षेत्र में अभी पानी की दिक्कत नहीं : नगर आयुक्त
धनबाद के नगर आयुक्त सत्येंद्र कुमार ने बताया कि फ़िलहाल, शहरी क्षेत्र में पानी की दिक्कत नहीं है. समय पर बारिश नहीं होने पर ही स्थिति बदल सकती है. अभी हमलोग मैथन डैम से 55 एमएलडी पानी शहर के लोगों को देने जा रहे हैं. चापानलों और टैंकरों की मरम्मत कराने का आदेश दिया जा चुका है. साथ झमाडा, पीएचईडी सहित जलापूर्ति का कार्य कर रही अन्य एजेंसियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं. यह भी पढ़ें : धनबाद">https://lagatar.in/dhanbad-those-who-give-houses-on-rent-and-keep-private-staff-should-be-alert-must-get-police-verification-done/">धनबाद: किराए पर मकान देने व निजी स्टाफ रखने वाले रहें सतर्क, पुलिस वेरिफिकेशन जरूर कराएं [wpse_comments_template]

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