Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

धनबाद : विधवा के मुंहबोले भाई ने कर दी उसके 11 साल के बेटे की हत्या, गिरफ्तार

केंदुआडीह के अलकुसा की घटना, आरोपी के घर के पीछे बोरे में मिला शव

Putki : केंदुआडीह थाना के अलकुसा में रहने वाली विधवा के मुंह बोले भाई ने अपने दोस्त के साथ मिलकर विधवा के बेटे प्रिंस (11 वर्ष) की गला दबाकर हत्या कर दी. प्रिंस विधवा गुड्डी देवी की छह संतानों में इकलौता पुत्र (सबसे छोटा) था. थाना प्रभारी आरएन ठाकुर ने गुरुवार को आरोपी रोहित कुमार गुप्ता और उसके साथी कृष्ण कुमार गुप्ता को गिरफ्तार कर लिया. दोनों ने हत्या की बात स्वीकार कर ली है. रोहित कुमार गुप्ता को गुड्डी देवी भाई मानती थी. प्रिंस का बोरे में बंद शव रोहित कुमार गुप्ता के घर के पीछे झाड़ियों से बरामद किया गया. उसका हाथ-पैर बंधा हुआ था. ज्ञात हो कि प्रिंस बुधवार को दिन के तीन बजे से लापता था. पड़ोसी रोहित कुमार गुप्ता ने उसे हाथ-पैर बांध कर अपने घर के बाथरूम में बंद कर दिया था. इधर, जब प्रिंस का कहीं पता नहीं चला, तो मां गुड्डी देवी ने केंदुआडीह थाना को सूचना देकर बच्चे को खोज निकालने की गुहार लगाई. मां रात भर अलकुसा, कुस्तौर, बीएनआर, नेहरू पार्क गोपालीचक, बांसजोड़ा यज्ञ स्थल पर जाकर बच्चे को खोजती रही, लेकिन कहीं नहीं मिला. गुरुवार की सुबह थाना प्रभारी को रोहित कुमार गुप्ता के घर के पीछे शव मिलने की सूचना मिली. उन्होंने मौके पर पहुंचकर शव को बरामद कर लिया.

आरोपी रोहित के हावभाव से लोगों को शक हुआ

बच्चे की हत्या करने के बाद से रोहित कुमार गुप्ता काफी विचलित था. उसके हाव-भाव से मोहल्ले दो युवकों को उस पर शक हुआ. बच्चे को खोजते हुए दोनों युवक रोहित के घर के पीछे बागान में गए, जहां झाड़ियों में एक प्लास्टिक का बोरा मिला. बोरा खोलने पर बच्चे का हाथ-पैर बंधा शव पड़ा था. सिर पर खून के थक्के थे. यह देख आरोपी रोहित कुमार घर मे घुस गया और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया.  पड़ोसियों ने दरवाजा तोड़कर उसे पकड़ लिया और पुलिस को सूचना दी.

3 साल पहले हुई थी पिता की मौत

प्रिंस का परिवार मूलतः यूवी के देवरिया रिले का रहने वाला है. प्रिंस के पिता रामाज्ञा हरिजन बीसीसीएल, अलकुसा में कार्यरत थे. तीन वर्ष पहले उनकी मौत हो गई थी. छह माह पहले पति के स्थान पर गुड्डी देवी ने गोपालीचक कोलियरी में जेनरल मजदूर के पद पर ज्वाइन किया था. यह भी पढ़ें : गिरिडीह">https://lagatar.in/giridih-mica-business-which-used-to-shine-in-india-and-abroad-has-faded/">गिरिडीह

: फीका पड़ा देश-विदेश में चमक बिखेरने वाले अभ्रक का कारोबार 
[wpse_comments_template]

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही