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धनबाद का न्यू मधुबन वाशरी हादसा: सेलो धराशायी, फंसे कर्मी को 12 घंटे बाद निकाला गया

सांसद ने बीसीसीएल पर साधा निशाना

Dhanbad : बीसीसीएल ब्लॉक-2 क्षेत्र की न्यू मधुबन वाशरी में शुक्रवार रात बड़ा हादसा हो गया. वाशरी का नंबर-1 सेलो अचानक तेज आवाज के साथ ढह गया. यह सेलो करीब 100 फीट ऊंचा था और इसके साथ लगभग 5 हजार टन वॉश कोयला नीचे आ गिरा. हादसे के दौरान धर्मेंद्र ठाकुर नामक कर्मी 3 नंबर सेलो में करीब 50 मीटर की ऊंचाई पर फंस गया. सूचना मिलते ही बीसीसीएल, एचईसी व डीजीएमएस की रेस्क्यू टीम शनिवार को मौके पर पहुंची. ड्रोन कैमरे की मदद से लोकेशन का पता लगाया गया और करीब 12 घंटे बाद स्थानीय वेल्डर हरेंद्र महतो की बहादुरी से धर्मेंद्र को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया. धर्मेंद्र को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, उनकी स्थिति फिलहाल सामान्य बताई जा रही है.

 

सांसद ढुल्लू महतो बोले- जिम्मेदारों पर हो कार्रवाई

 
इस घटना को लेकर धनबाद सांसद ढुल्लू महतो ने कहा कि मधुबन वाशरी में बीसीसीएल द्वारा हजारों करोड़ की लागत से सेलो का निर्माण कराया गया था. इसका टेंडर भी बीसीसीएल ने ही जारी किया था. इतनी बड़ी लागत से बने सेलो का कुछ ही वर्षों में ध्वस्त होना कहीं न कहीं बीसीसीएल और ठेकेदार की लापरवाही को दर्शाता है. इस हादसे में सरकार को अरबों रुपये का नुकसान हुआ है. ऐसे में बीसीसीएल प्रबंधन और सेलो संचालन से जुड़े जिम्मेदार अधिकारियों पर कड़ी कार्रवाई होनी चाहिए. सांसद ने यह भी कहा कि वे इस मुद्दे को लोकसभा में उठाएंगे और घटना की जांच सीबीआई से कराने की मांग करेंगे. ताकि दोषियों को दंडित किया जा सके.
 उन्होंने बाघमारा निवासी हरेंद्र महतो की बहादुरी की भी सराहना की .सांसद ने कहा कि जो काम रेस्क्यू टीम नहीं कर पाई उसे हरेंद्र महतो ने कर दिखाया और फंसे मजदूर को सुरक्षित बाहर निकाला. सांसद ने सरकार से मांग की कि हरेंद्र महतो को सम्मानित किया जाए और उन्हें उचित पुरस्कार दिया जाए.


बीसीसीएल प्रबंधन की सफाई


बीसीसीएल ब्लॉक-2 क्षेत्र के जीएम राजीव कुमार ने बताया कि यह इस क्षेत्र की एकमात्र वाशरी थी जहाँ पूरे इलाके से कोयला लाकर वॉश किया जाता था. फिलहाल वैकल्पिक व्यवस्था पर विचार किया जा रहा है. उन्होंने आश्वासन दिया कि हादसे की उच्च स्तरीय जाँच कराई जाएगी और जांच के बाद दोषियों पर सख्त कार्रवाई होगी.


ठेकेदार कंपनी पर उठे सवाल


इस हादसे के बाद राधा इंजीनियरिंग प्राइवेट लिमिटेड, जो वाशरी के संचालन और रखरखाव का काम देखती है पर भी सवाल उठने लगे हैं. स्थानीय लोगों और नेताओं ने आरोप लगाया है कि निर्माण में घटिया सामग्री का इस्तेमाल किया गया था जिसके कारण इतनी जल्दी यह हादसा हुआ. हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरातफरी मच गई. सैकड़ों लोग मौके पर जुट गए.रातभर रेस्क्यू अभियान चलता रहा और सुबह होते-होते सफलता मिली. राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई लेकिन करोड़ों की संपत्ति का नुकसान जरूर हुआ है.


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