Ranchi : झारखंड के कुरमी/कुड़मी को एसटी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर मंगलवार को कुरमी समाज के लोगों ने राज्य के 137 प्रखंडों में धरना दिया. धरना के बाद बीडीओ को ज्ञापन सौंपा गया. झारखंड कुरमी विकास मोर्चा के अध्यक्ष शीतल ओहदार ने कहा कि 1931 तक जो जनजाति आदिम जनजाति की सूची में सूचीबद्ध थे, उन्हें ही देश गणतंत्र होने के बाद अनुसूचित जनजाति में शामिल किया गया. मगर 1931 में टोटेमिक कुरमी/कुड़मी महतो आदिम जनजाति की सूची में रहने के बावजूद उन्हें अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल नही किया. जिससे कुरमी समाज 72 वर्षों से अपने संवैधानिक अधिकार से वंचित रह गया है. उन्होंने सरकार से अविलंब टोटेमिक कुरमी/कुडमी महतो को अनुसूचित जनजाति की सूची में शामिल करने की मांग की है. उन्होंने कहा कि अगर लोकसभा चुनाव के पूर्व कुरमी को एसटी सूची में शामिल नहीं किया गया, तो भाजपा को हराने का काम किया जाएगा. इसे भी पढ़ें - 6th">https://lagatar.in/hearing-6th-jpsc-will-continue-in-supreme-court-wednesday-know-what-happened-today/">6th
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कुरमी को एसटी सूची में शामिल करने की मांग को लेकर 137 प्रखंडों में धरना

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