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भोजपुरी, मगही भाषा संग भेदभाव से बढ़ेगी नफरत की खाई :  के विश्वा

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Ranchi  :  भोजपुरी, मगही और अंगिका भाषा को क्षेत्रीय भाषा सूची में नहीं डाले जाने को लेकर कई राजनीतिक दलों में नाराजगी है. ऐसी पार्टियां राज्य सरकार पर भाषा विवाद बढ़ाने का आरोप लगा रही हैं. पलामू के हुसैनाबाद विधानसभा क्षेत्र के प्रत्याशी रहे के. विश्वा ने कहा है कि आज झारखंड सरकार की विभाजनकारी नीतियों का ही परिणाम है कि उपरोक्त भाषा को बोलने वाले को दोयम दर्जे का नागरिक बनाया जा रहा है. उन्हें नफरत का सामना करना पड़ रहा है. उनके साथ भेदभाव बढ़ रहा है. इससे नफरत की खाई और बढ़ेगी और राज्य में संघर्ष पैदा होगा. उन्होंने कहा कि यह झारखंड सरकार का षड्यंत्र है.

जरूरी मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार भाषा विवाद को ब़ढ़ा रही

के विश्वा ने कहा कि आज बेरोजगारी भत्ता देने , जेपीएससी बहाली में धांधली रोकने, सहायक पुलिसकर्मियों और आंगनबाड़ी सेविकाओं की मागों को पूरा करना ज्यादा जरूरी है. सरकार इन मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए ही सरकार राज्य के युवाओं को आपस में लड़ा रही है. जनता को जागरूक कर हमें इस षड़यंत्र को हमें नाकाम करना है. इसे भी पढ़ें – रांची">https://lagatar.in/ranchi-naxalite-vimal-yadav-rewarded-25-lakh-surrendered/">रांची

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सरकार हमारी भाषा, संस्कृति को बाहरी मान रही है

उन्होंने कहा कि झारखंड का निर्माण भाषा के आधार पर नहीं हुआ. पलामू प्रमंडल की क्षेत्रीय भाषा हिंदी और भोजपुरी है. लेकिन हेमंत सरकार एक षड़यंत्र के तहत इन भाषाओं को क्षेत्रीय भाषा नहीं मान रही है. सरकार हमारी भाषा, संस्कृति को बाहरी मान रही है. हम यह कतई बर्दाश्त नहीं कर सकते. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन यह स्पष्ट करें कि पलामू प्रमंडल झारखंड का हिस्सा है या नहीं है. अगर नहीं है तो वह पलामू को अलग कर दें. अगर पलामू झारखंड का हिस्सा है तो उन्हें यह मालूम होना चाहिए कि पलामू सिर्फ भूखंड नहीं हैं. और जहां लोग रहते हैं, उनकी भी अपनी भाषा और संस्कृति होती है. जिसकी रक्षा करना सरकार की जिम्मेवारी है.

इस प्रायोजित नीति को हम गैर-झारखंडी और विभाजनकारी मानते हैं

उन्होंने कहा कि सरकार की इस प्रायोजित नीति को हम गैर-झारखंडी और विभाजनकारी मानते हैं. इसलिए इस नीति का हम विरोध करते हैं. गैर संवैधानिक नीतियों का मुंहतोड़ जवाब देंगे. इस दौरान उन्होंने राज्य की जनता से अपील भी की कि हमें सभी जरूरी मुद्दों पर एक साथ सरकार को घेरना चाहिए. सरकार से सवाल करना चाहिए. इसे भी पढ़ें – यूक्रेन">https://lagatar.in/in-midst-of-ukraine-war-world-is-divided-towards-a-new-cold-war/">यूक्रेन

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