New Delhi : लोकसभा में आज गुरुवार को तीनों बिल संविधान (131वां संशोधन) विधेयक 2026, केंद्र शासित प्रदेश कानून (संशोधन) विधेयक 2026 और परिसीमन विधेयक 2026 पर चर्चा शुरू हुई .
VIDEO | Parliament Special Session: “Undemocratic talk by minister”, says Samajwadi Party chief Akhilesh Yadav (@yadavakhilesh); “Samajwadi Party can give all (poll) tickets to Muslim women, we have no objections,” responds Union Home Minister Amit Shah (@AmitShah) in Lok Sabha.… pic.twitter.com/MhBt2K0BlE
— Press Trust of India (@PTI_News) April 16, 2026
इससे पहले बिलों को पुर्नस्थापित करने के लिए ध्वनि मत से पास कराये जाने को लेकर हंगामा शुरू हो गया. इसके बाद विपक्ष की मांग पर मत विभाजन किया गया और वोटिंग कराई गई. वोटिंग का फाइनल रिजल्ट में पक्ष में 251, विपक्ष में 185 वोट पड़े.
VIDEO | Parliament Special Session: Speaking in Lok Sabha during debate on Women's Reservation Bill, Union Minister of State (I/C) for Law and Justice, and Parliamentary Affairs, Arjun Ram Meghwal (@arjunrammeghwal) recites a poem penned by him.#WomensReservationBill… pic.twitter.com/MyXAryhiJh
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वोटिंग के बाद बिलों पर चर्चा शुरू हो गयी. भाजपा की ओर से मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने चर्चा की शुरुआत की. उन्होंने कहा कि हमारे संविधान निर्माताओं ने संविधान को यह शक्ति दी है कि उसमें संशोधन कर लोकहित के फैसले लिये जा सकते हैं.
उन्होंने स्पष्ट कहा कि ये तीनों बिल महिलाओं के लिए हैं. कहा कि महिला आरक्षण बिल 2023 में पास हुआ था, जिसमें 2026 के बाद जनगणना और परिसीमन के आधार पर इसके नियमों को लागू करने का प्रावधान है.
लोकसभा सदस्यों की संख्या में भी 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी होगी, और इसका मतलब होगा 815 सीटें, जिनमें से 272 महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी, जो सदन की कुल संख्या का एक-तिहाई है. किसी (राज्यों) को कोई नुकसान नहीं होगा, और वे अपनी संख्या बनाए रखेंगे.
अहम बात यह है कि लोकसभा में पेश किये गए तीनों बिलों पर कल शुक्रवार 17 अप्रैल को शाम चार बजे वोटिंग होगी. आज और कल यानी दो दिन इस पर चर्चा की जायेगी.संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने कहा कि केंद्र सरकार यहां सुनने और जवाब देने के लिए तैयार है. सरकार ने 12 घंटे चर्चा का समय तय किया है.
#WATCH केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा, "नारी शक्ति वंदन अधिनियम में भी ये तीनों बिल एक साथ आने थे और सदन ने उनकी सहमति से पास किए आज सुबह वे विरोध करने का तय करके आए हैं इसलिए हर चीज में विरोध किए जा रहे हैं।"
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(सोर्स: संसद टीवी) pic.twitter.com/ix85oz0bkE
इससे पूर्व संसद में तीनों बिल पेश होते ही कांग्रेस ने मोदी सरकार पर आरोप लगाया कि संविधान को हाइजैक करवे की कोशिश की जा रही है. सपा सांसद धर्मेंद्र यादव ने इसका विरोध करते हुए कहा कि जब तक मुस्लिम महिलाओं को आरक्षण नहीं दिया जायेगा. इसका कोई मतलब नहीं है.
इस पर अमित शाह ने पलटवार करते हुए जवाब दिया. मुस्लिमों को धर्म के आधार पर आरक्षण गैर संवैधानिक है, इस क्रम में अखिलेश यादव ने कहा- पूरा देश आधी आबादी का आरक्षण चाहता है. उन्होंने पूछा कि मुस्लिम महिलाओं के लिए इसमें क्या है..
इस पर अमित शाह ने इसका जवाब देते हुए तंज कसा, समाजवादी पार्टी पूरी टिकटें मुस्लिम महिलाओं को दे दे, हमें कहां आपत्ति है. अखिलेश यादव के जनगणना और जातीय जनगणना के सवाल पर अमित शाह ने कहा, मैं देश को बताना चाहता हूं जनगणना जारी है. सरकार इसका(जातीय जनगणना) भी निर्णय ले चुकी है. जाति के साथ ही यह जनगणना हो रही है.
अमित शाह ने कहा, नारी शक्ति वंदन अधिनियम में भी ये तीनों बिल एक साथ आने थे और सदन ने उनकी सहमति से पास किये आज सुबह वे विरोध करने का तय करके आए हैं इसलिए हर चीज में विरोध किए जा रहे हैं.
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