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स्पाइन ट्यूमर का 2000 ऑपरेशन करनेवाले रिम्स न्यूरोसर्जरी विभाग के डॉ अनिल कुमार हुए रिटायर

 
Ranchi : राजेंद्र आयुर्विज्ञान संस्थान (रिम्स) के डीन व न्यूरो सर्जरी के प्रोफेसर डॉ अनिल कुमार अपने तीन दशक से अधिक के कार्यकाल के बाद 31 मई को सेवानिवृत्त हो गए. इस मौके पर न्यूरो सर्जरी विभाग द्वारा विदाई समारोह का आयोजन किया गया. विदाई समारोह में रिम्स निदेशक डॉ (प्रो.) कामेश्वर प्रसाद, चिकित्सा अधीक्षक डॉ हीरेन्द्र बिरुआ, नए डीन प्रोफेशर डॉ विद्यापति, न्यूरोसर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ सीबी सहाय, चिकित्सा उपाधीक्षक डॉ शैलेश त्रिपाठी, न्यूरो सर्जरी एवं अन्य विभागों के डॉक्टर व अन्य अधिकारी उपस्थित रहे.

रिम्स के महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं डॉ अनिल कुमार

डॉ कामेश्वर प्रसाद ने कहा कि डॉ अनिल ने न्यूरो सर्जरी विभाग में एक सौहार्दपूर्ण कार्य वातावरण विकसित किया जो बहुत जरूरी है. प्रो अनिल की प्रशासनिक योग्यता ने न्यूरो सर्जरी विभाग के साथ साथ रिम्स को नई बुलंदियों पर पहुंचाया है. वे इस संस्था के एक महत्वपूर्ण स्तंभ रहे हैं.

डॉक्टरों-नर्सों में मानवता जीवित रहना चाहिए

डॉ सीबी सहाय ने कहा कि प्रो अनिल कुमार के मार्गदर्शन की वजह से ही विभाग ने नई ऊंचाईयां हासिल की है. डॉ अनिल ने भावुक होते अपने कार्यकाल के अनुभवों को साझा किया और सभी फैकल्टी का धन्यवाद किया. कहा कि डॉक्टर या नर्स सभी में मानवता हमेशा जीवित होनी चाहिए और उसी भाव से कार्य करना चाहिए. उन्होंने कहा कि विभाग में मरीजों की देखभाल में नर्सों की अहम भूमिका रही है और हर परिस्थिति में उन्होंने मरीजों की सेवा की है.

आयोजन में इनका रहा योगदान

विदाई समारोह के आयोजक एचओडी न्यूरो सर्जरी डॉ सीबी सहाय, डॉ आनंद प्रकाश थे. वहीं संचालन डॉ सौरभ बेसरा, डॉ विराट हर्ष, डॉ विकास कुमार, डॉ हर्षिता द्वारा किया गया.

प्रो (डॉ) अनिल कुमार का कार्यकाल

  •  1981 में भागलपुर मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस की पढ़ाई पुरा किया. इसके बाद 1983-84 तक वह सरकारी मेडिकल अफसर के पद पर पतरातू, हज़ारीबाग़ में पदस्थापित रहे. 1984 में वह पहली बार रिम्स (तत्कालीन RMCH) में सर्जरी विभाग से जुड़े थे. 1986 में सर्जरी में स्नातकोत्तर करने के बाद 1986-88 तक डॉ अनिल ने दुबारा मेडिकल अफसर के तौर अपनी सेवाएं दी.
  • 1988 से 91 तक डॉ अनिल एक बार फिर आरएमसीएच से सर्जरी में उच्चतम डिग्री एमसीएच न्यूरोसर्जरी के लिए जुड़े. इसके बाद 1997 तक वह मांडर में वरिष्ठ मेडिकल अफसर के तौर पर कार्यरत रहे.
  • 1997 में रजिस्ट्रार व लेक्चरर के तौर पर तत्कालीन आरएमसीएच से जुड़ने के बाद डॉ अनिल ने रिम्स में अपने कार्यकाल के दौरान विभिन्न पदों पर सेवाएं प्रदान की है.
  •  जुलाई 2004 से जनवरी 2005 और जुलाई 2006 से दिसंबर 2021 तक प्रो अनिल न्यूरो सर्जरी विभागाध्यक्ष रहे. नवंबर 2022 से अब तक न्यूरो सर्जरी में प्रोफेसर के तौर पर कार्य करते हुए रिम्स के डीन (शैक्षणिक) भी रहे. उन्होंने विभिन्न अवसरों पर प्रभारी निदेशक के रूप में कार्य करने के अलावा अलग-अलग समितियों में विभिन्न क्षमताओं में प्रभावी ढंग से कार्य किया है.
  • डॉ अनिल ने अपने कार्यकाल के दौरान न्यूरो सर्जरी विभाग को दुरुस्त करने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम भी उठाये थे. उनके कार्यकाल के दौरान न्यूरो सर्जरी में दो ऑपरेशन थिएटर स्थापित किया गया, आईसीयू को हाई-एंड मल्टीपारा मॉनिटर के साथ अपग्रेड किया गया. पूर्वी भारत में पहला पोर्टेबल सीटी स्कैन मशीन विभाग में स्थापित किया.
  • प्रो अनिल का निरंतर प्रयास रहा है कि झारखंड के लोगों को रिम्स में ही सभी प्रकार की न्यूरोसर्जिकल सेवाएं मिल सके ताकि मरीजों को रेफर करने की जरूरत न पड़े. उन्होंने पिछले 25 वर्षों में ब्रेन और स्पाइन ट्यूमर के 2000 से ज्यादा मामलों का ऑपरेशन किया.
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