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DSPMU का आंदोलन हुआ उग्र, प्रशासनिक कामकाज व मिड-सेम परीक्षाएं प्रभावित

डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में नॉन-टीचिंग कर्मचारियों का आंदोलन अब उग्र हो गया है. पिछले करीब 15 दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद कर्मचारियों ने पूरे विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर दी है
 

Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU) में नॉन-टीचिंग कर्मचारियों का आंदोलन अब उग्र हो गया है. पिछले करीब 15 दिनों से चल रहे आंदोलन के बाद कर्मचारियों ने पूरे विश्वविद्यालय में तालाबंदी कर दी है. इससे विश्वविद्यालय का प्रशासनिक और शैक्षणिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया है.

कर्मचारियों की मुख्य मांग एमएससीपी (MACP) का भुगतान है, जो अप्रैल 2025 से लंबित बताया जा रहा है. कर्मचारी नेताओं का कहना है कि इस मुद्दे को लेकर वे पिछले एक साल से लगातार पत्राचार और अनुरोध कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है.

कर्मचारियों ने चरणबद्ध तरीके से आंदोलन शुरू किया था. 16 फरवरी से 14 दिनों का ‘पेन डाउन’ आंदोलन शुरू किया गया था और 7 मार्च तक मांगें पूरी करने की समय-सीमा दी गई थी. जब मांगें पूरी नहीं हुईं तो 9 मार्च से विश्वविद्यालय में पूर्ण तालाबंदी कर दी गई.

 

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प्रशासन और कुलपति का रवैया

प्रदर्शनकारी कर्मचारियों का आरोप है कि कुलपति (VC) ने पिछले 10 दिनों से उनसे वार्ता नहीं की है. कर्मचारियों का कहना है कि जिस फाइल पर चर्चा होनी चाहिए थी, कुलपति उस पर बात करने के बजाय केवल 15-20 दिनों का समय देने का आश्वासन देते रहे हैं. कर्मचारियों ने इसे 'अराजकता' करार देते हुए कहा कि प्रशासन नियम-कानूनों की धज्जियां उड़ा रहा है.

 

छात्रों और कामकाज पर असर

इस तालाबंदी के कारण विश्वविद्यालय का शैक्षणिक और प्रशासनिक कार्य पूरी तरह ठप हो गया है:

  • मिड-सेम (Mid-Sem) परीक्षाएं: छात्रों की चल रही परीक्षाएं इस आंदोलन से काफी प्रभावित हुई हैं. 
  •  वित्तीय कार्य: शिक्षकों का वेतन, इनकम टैक्स का भुगतान और अन्य जरूरी प्रशासनिक कार्य बाधित हो रहे हैं.
  • हालांकि, कर्मचारियों का दावा है कि छात्र और शिक्षक उनकी मांगों के प्रति सहानुभूति रखते हैं और उनके समर्थन में कक्षाओं से बाहर आ गए.

आगे की रणनीति


कर्मचारियों ने स्पष्ट कर दिया है कि यह तालाबंदी तब तक जारी रहेगी जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं हो जातीं. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि विभाग खाली होने के बाद सुरक्षा कारणों से गार्ड्स द्वारा ताला लगाया गया है और वे चाहते हैं कि कुलपति खुद आकर उनसे बात करें और समाधान निकालें.

 

 


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