Ranchi News: लंबे समय से चली आ रही मांग आखिरकार पूरी होती नजर आ रही है. आदिवासी छात्र संघ समेत विभिन्न आदिवासी संगठनों के प्रयास से डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर अब शहीद वीर बुधु भगत का नाम अंकित किया गया है. गुरूवार को विभिन्न संगठन के सहयोग से डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर लिखा गया है.
दरअसल, रांची विश्वविद्यालय के नामकरण के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री रघुवर दास के कार्यकाल में कॉलेज का नाम बदलकर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय किया गया था. हालांकि, विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर वीर बुधु भगत का नाम अंकित करने की मांग लंबे समय से उठ रही थी.
कैबिनेट बैठक में हुआ था नाम बदलने का फैसला
झारखंड सरकार ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय का नाम बदलकर वीर शहीद बुधु भगत विश्वविद्यालय करने का निर्णय लिया था. मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की अध्यक्षता में कैबिनेट की बैठक में झारखंड राज्य विश्वविद्यालय (संशोधन) अधिनियम, 2017 में संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति दी गई थी.
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रांची विश्वविद्यालय 1949 से संचालित हो रहा था, जो शहर के सबसे पुरानी विश्वविद्यालय में से एक है. इसका नामकरण भारतीय जनसंघ के संस्थापक एवं पूर्व केंद्रीय मंत्री डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के नाम पर किया था. कई आदिवासी संगठनों ने इसका नाम बदलने की मांग को लेकर आंदोलन किए थे. झारखंड विधानसभा के बजट सत्र के दौरान सदन में यह मांग उठाई थी, जिस पर सरकार ने अपने जवाब में कहा था कि विश्वविद्यालय का नामकरण वीर शहीद बुधु भगत पर किया जाएगा.
कौन थे वीर बुधु भगत
वीर बुधु भगत सिलागाई के रहने वाले थे. वे कोल विद्रोह के प्रमुख योद्धाओं में से एक थे. विद्रोह के दौरान अंग्रेजी सेना के खिलाफ लड़ते हुए शहीद हो गए थे. मालूम हो कि वर्ष 2018 में झारखंड में पूर्व सीएम रघुवर दास की सरकार में रांची विश्वविद्यालय का नाम बदलकर डॉ श्यामा प्रसाद मुखर्जी रखा गया था.
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