Lucknow : कानपुर नगर निगम गाड़ियों की बजाय बैलगाड़ी से कूड़ा उठाने की तैयारी कर रहा है. डीजल के लगातार बढ़ते दामों को देखते हुए कानपुर नगर निगम द्वारा यह निर्णय लिये जाने की बात सामने आयी है. पहले चरण में एक बैलगाड़ी बनाकर शुरुआत करने की तैयारी है. यह उदाहरण है कि पेट्रोल, डीजल के बढ़ते दामों की तपिश आम नागरिक ही नहीं यूपी के सरकारी विभागों में भी महसूस की जाने लगी है. इसे भी पढ़ें : प्रशांत">https://lagatar.in/prashant-kishor-poured-cold-water-on-the-enthusiasm-of-congress-said-misunderstanding-expectation-of-return-after-lakhimpur-incident/">प्रशांत
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नगर निगम के वर्कशाप में बैलगाड़ी बनाने की तैयारी
जानकारी के अनुसार कानपुर की महापौर प्रमिला पांडेय ने पशु चिकित्साधिकारी डॉ. एके सिंह को कान्हा गोशाला जाजमऊ के बैलों से बैलगाड़ी तैयार करने के आदेश दिये है. नगर निगम भी वर्कशाप के माध्यम से एक बैलगाड़ी बनाने की तैयारी में लग गया है. नगर निगम के अधिकारी देखना चाहते हैं कि बैलगाड़ी से कूड़ा उठाने में कितने पैसे की बचत होती है. अगर यह योजना सफल हुई तो इसे और क्षेत्रों में भी लागू किया जायेगा. इसका फायदा यह है कि गोशाला में रखे गये पशुओं का व्यावसायिक उपयोग हो सकेगा. खबर के अनुसार इससे होने वाली बचत का एक हिस्सा गोशाला में संसाधन विकास में खर्च किया जायेगा. वर्तमान में कानपुर नगर निगम 72 वाहनों और 5,608 सफाई कर्मचारियों के जरिए शहर का कूड़ा उठा रहा है. इसमें एक वर्ष में एक करोड़ से ज्यादा डीजल खर्च होता है. इस खर्च को देखते हुए बैलगाड़ी से शहर में कूड़ा उठाये जाने की बात सामने आ रही है. इसे भी पढ़ें : RBI">https://lagatar.in/former-rbi-governor-rangarajan-said-the-goal-of-a-5-trillion-economy-by-2025-is-impossible/">RBIके पूर्व गवर्नर रंगराजन ने कहा, 2025 तक 5,000 अरब डॉलर की अर्थव्यवस्था का लक्ष्य असंभव
आमदनी की भरपाई के लिए लखनऊ नगर निगम भी नये उपाय ढूंढ़ रहा है
जान लें कि लॉकडाउन के कारण घटी आमदनी की भरपाई के लिए लखनऊ नगर निगम भी नये उपाय ढूंढ़ रहा है. अब कोई भी नगर निगम को फोन कर अपना घर, आफिस, मोहल्ला सैनेटाइज करवा सकेगा, लेकिन यह सुविधा अब फ्री उपलब्ध नहीं होगी बल्कि नगर निगम उसका पैसा वसूलेगा. लखनऊ नगर निगम इसके लिए एक प्रस्ताव बना रहा है जिसमें सैनेटाइज करने का राशि तय की जायेगी.. इस क्रम में सैनेटाइजेशन के काम के लिए अलग से निजी कंपनियों को लाइसेंस दिये जायेंगे. इससे न केवल लोगों को सैनेटाइजेशन की सुविधा मिलेगी बल्किन नगर निगम को आमदनी भी हो सकेगी. इसे भी पढ़ें : लखीमपुर">https://lagatar.in/lakhimpur-khiri-violence-the-supreme-court-reprimanded-the-yogi-government-the-case-is-of-302-so-why-was-there-no-arrest/">लखीमपुरखिरी हिंसा : सुप्रीम कोर्ट ने योगी सरकार को फटकारा, मामला 302 का है तो गिरफ्तारी क्यों नहीं हुई [wpse_comments_template]
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