Dumaria (Sanat Kumar Pani) : डुमरिया प्रखंड में ओल चिकी हूल बैसी द्वारा आहूत झारखंड बंद का व्यापक असर दिख रहा है. डुमरिया बाजार में दुकानें बंद है. यात्री वाहन भी नहीं चले. बंद समर्थकों ने छोलागोड़ा में बांस का बैरियर लगाकर सड़क जाम कर दिया है. सड़क पर धमसा व मांदर बजाकर प्रदर्शन किया जा रहा है. विभिन्न गांव से ग्राम प्रधान और ग्रामीण प्रदर्शन स्थल पर पंहुचे हैं. बंद समर्थक बाइक रैली कर रहे हैं. ओलचिकी हूल बैसी और माझी पारगना माहाल के सदस्य ग्रामीणों के साथ ओलचिकी लिपी में पढ़ाई शुरू करने, ओल चिकी लिपी में किताबें छपाने, ओलचिकी शिक्षकों की बहाली करने, संथाली भाषा को प्रथम राजभाषा का दर्जा देने और अलग संथाली एकाडमी का गठन करने की मांग कर रहे हैं. इसे भी पढ़ें :सैन">https://lagatar.in/us-condemns-attack-on-indian-consulate-in-san-francisco/">सैन
फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले की अमेरिका ने निंदा की
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alt="" width="300" height="200" /> सड़क पर उतरे बंद समर्थक.[/caption] बंद समर्थकों ने मुख्य सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया है. सड़क जाम होने के कारण प्रखंड में आनेवाले स्कूली शिक्षक डुमरिया प्रखंड में प्रवेश नहीं कर पाये. मौके पर घाट पारगना लखन मार्डी, ग्राम प्रधान डुइका मुर्मू, कारान हांसदा, सोबन टुडू, लक्ष्मण हांसदा, कालिकृष्ण बास्के, गोपाल मुर्मू, कामेश्वर मुर्मू, सिंधु हांसदा, रघुनाथ सोरेन, रामो किस्कू, गालु मुर्मू, राजु सरदार, सालखु हेंब्रम, अर्जुन मुर्मू आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें :किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-people-are-forced-to-wake-up-from-the-terror-of-elephant/">किरीबुरु
: हाथी के आतंक से रतजगा करने को विवश हैं लोग [wpse_comments_template]
फ्रांसिस्को में भारतीय वाणिज्य दूतावास पर हमले की अमेरिका ने निंदा की
मुख्य सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया
[caption id="attachment_687763" align="aligncenter" width="300"]alt="" width="300" height="200" /> सड़क पर उतरे बंद समर्थक.[/caption] बंद समर्थकों ने मुख्य सड़क को पूरी तरह से जाम कर दिया है. सड़क जाम होने के कारण प्रखंड में आनेवाले स्कूली शिक्षक डुमरिया प्रखंड में प्रवेश नहीं कर पाये. मौके पर घाट पारगना लखन मार्डी, ग्राम प्रधान डुइका मुर्मू, कारान हांसदा, सोबन टुडू, लक्ष्मण हांसदा, कालिकृष्ण बास्के, गोपाल मुर्मू, कामेश्वर मुर्मू, सिंधु हांसदा, रघुनाथ सोरेन, रामो किस्कू, गालु मुर्मू, राजु सरदार, सालखु हेंब्रम, अर्जुन मुर्मू आदि उपस्थित थे. इसे भी पढ़ें :किरीबुरु">https://lagatar.in/kiriburu-people-are-forced-to-wake-up-from-the-terror-of-elephant/">किरीबुरु
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