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क्या होगी आगे की प्रक्रिया
पुलिस की चार्जशीट पर अदालत संज्ञान लेगी. केस डायरी के मुताबिक कोर्ट कुछ धाराएं जोड़ या घटा सकती है. इसके बाद अभियुक्तों को पुलिस पेपर रिसिव करवाया जायेगा और तब चार्ज फ्रेम होगा. चार्ज फ्रेम होने के बाद गवाहों को नोटिस जारी की जायेगी और केस का ट्रायल शुरू होगा. अभियुक्तों की ओर से कोई अधिवक्ता आता है या नहीं, इसपर सभी की नजर है. क्योंकि जिला अधिवक्ता संघ ने इस केस में अभियुक्तों की पैरवी नहीं करने का निर्णय लिया है. ऐसे में या तो बाहर से कोई अधिवक्ता अभियुक्तों की ओर से मुकदमा लड़ने आ सकता है या फिर डीएलएसए की ओर से अभियुक्तों को अधिवक्ता उपलब्ध करवाया जायेगा.केस में वैज्ञनिक व तकनीकी पहलुओं पर हुआ गहन अनुसंधान
एडीजी अभियान मुरारी लाल मीणा और आईजी असीम विक्रांत मिंज की मॉनिटरिंग में इस कांड का वैज्ञानिक और तकनीकी पहलुओं पर भी गहन अनुसंधान हुआ. अनुसंधान टीम में दो डीएसपी विजय कुमार और शिवेंद्र के साथ नगर थाना के थानेदार इंस्पेक्टर नितिश कुमार, मुफस्सिल थाना के थानेदार उमेश राम सहित कई अन्य तेज़ तर्रार पुलिस अधिकारियों को रखा गया था. एसपी की अध्यक्षता में गठित 12 सदस्यीय एसआईटी को चार्जशीट तैयार करने में करीब 11 दिनों का समय लगा.जांच में मिले पुख़्ता सबूत़
एसपी अम्बर लकड़ा ने दावा किया है कि पुलिस ने अपने अनुसन्धान में आरोपी को सजा दिलाने के लिए पर्याप्त सबूत जुटा लिया है. आरोपी शाहरुख़ और कांड के मास्टरमाइंड नईम अंसारी उर्फ़ छोटू के पुख़्ता खिलाफ सबूत मिले है, जो सजा दिलाने के लिये काफ़ी है. यह">https://lagatar.in/dumka-fir-lodged-against-six-including-village-head-of-deceased-minor-of-ranishwar/">यहभी पढ़ें : दुमका : रानीश्वर की नाबालिग मृतका के ग्राम प्रधान समेत छह पर प्राथमिकी दर्ज़ [wpse_comments_template]











































































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