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झारखंड में दुशासन की सरकार, आदिवासी सीएम के शासन में मां-बहनों का शोषण क्यों : मंत्री अश्विनी चौबे

  • केंद्र सरकार की उपलब्धियां गिनाई
  • लालखटंगा में जैव विविधता उद्यान का निरीक्षण किया
Ranchi : केंद्रीय वन एवं पर्यावरण राज्यमंत्री अश्विनी चौबे ने रविवार को झारखंड सरकार पर जमकर निशान साधा. भाजपा मुख्यालय में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री के राज में आदिवासी बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. राज्य में गिरती कानून व्यवस्था पर अपनी चिंता जाहिर की. राज्य में क्राइम के आंकड़े को गिनाते हुए राज्य सरकार को कटघरे में खड़ा किया. कहा कि आदिवासी मुख्यमंत्री के शासन वाले इस राज्य में आदिवासी बहन-बेटियां सुरक्षित नहीं हैं. उन्होंने सवालिया लहजे में कहा- मैं आदिवासी मुख्यमंत्री से पूछता हूं कि आपके शासनकाल में आदिवासी मां-बहनों का शोषण क्यों हो रहा है? इस राज्य में सुशासन की सरकार नहीं, बल्कि दुशासन की सरकार है. इससे पूर्व उन्होंने लालखटंगा में जैव विविधता उद्यान का निरीक्षण किया. केंद्र सरकार के कार्यों  की तारीफ करते हुए उपलब्धियां गिनायी.

प्रयागराज की घटना पर कहा- जैसी करनी -वैसी भरनी

वहीं उत्तर प्रदेश में अतीक अहमद और अशरफ की गोली मारकर हत्या पर अश्विनी चौबे ने कहा कि जिसकी जैसी करनी वैसी भरनी. उत्तर प्रदेश में कानून का राज है. घटना को अंजाम देने वाले हमलावर को तुरंत गिरफ्तार किया गया. इसके बाद शांति का वातावरण बनाने के लिए पूरे राज्य को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अलर्ट किया. अपराधियों को यूपी की सरकार सजा दिलाएगी. भ्रष्टाचार और वंशवाद से उपजे नेता इस घटना को हवा दे रहे हैं. विपक्ष के नेता के पास मुद्दे नहीं हैं. इसलिए इसे तूल देने का काम कर रहे हैं.

राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के लिए 279.44 करोड़

मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा कि राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के लिए राज्य के 3 जिले का चयन किया गया है. इसके लिए इस वर्ष धनबाद को 6 करोड़ राशि आवंटित की गई है. राज्य के 3 शहरों में राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम को लागू करने के लिए 279.44 करोड़ रुपए का योजना आवंटित है.

राज्य सरकार समय पर नहीं भेजती है केंद्र को प्रस्ताव

अश्विनी चौबे ने कहा कि राज्य सरकार केंद्र को किसी भी योजना का प्रस्ताव विलंब से भेजता है. वन पर्यावरण एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय से मांगे गये प्रस्ताव विलंब से भेजे गये. इन 33 प्रस्तावों में से 6 प्रस्ताव को केंद्र सरकार ने स्वीकृति प्रदान कर दी है. नगर वन योजना के 6 प्रस्ताव की मंजूरी भारत सरकार ने दी है. इस योजना के लिए 400 करोड़ राशि आवंटित की गई है, जिसमें रांची, धनबाद, बोकारो, गिरिडीह , देवघर जिला में अर्बन फॉरेस्ट्री की योजनाएं चलानी हैं.

राज्य सरकार मानव-हाथी संघर्ष में सबसे कम देती है मुआवजा

अश्विनी चौबे ने कहा कि राज्य में मानव-हाथी संघर्ष के सबसे अधिक मामले सामने आते है. राज्य सरकार को इस पर ध्यान देना चाहिए. हाथी- मानव संघर्ष में मारे गए लोगों के आश्रितों को कर्नाटक सरकार 15 लाख मुआवजा देती है. जबकि झारखंड सरकार मात्र 4 लाख देती है. मंत्रालय जल्द ही एक सर्कुलर जारी करेगा, जिससे मानव- हाथी संघर्ष में मारे गए लोगों के परिजनों को एक समान मुआवजा मिल सके.

 राज्य सरकार संसाधनों का रोना रोती है, जबकि खर्च नहीं करती है राशि

मंत्री अश्विनी चौबे ने कहा राज्य को डीएमएफटी फंड में एक 11361 करोड़ रुपए प्राप्त हुए हैं. जिसमें से मात्र 6400 करोड़ राज्य सरकार ने खर्च किए हैं. राज्य सरकार समय पर राशि खर्च नहीं कर पाती है, जबकि संशाधनों को रोना रोती है.

शुभम संदेश के सवाल का दिया जवाब

शुभम संदेश के संवाददाता ने अश्विनी चौबे से कहा कि सरकार भारतीय खाद्य निगम से ग्रीन राशन कार्ड धारियों को उपलब्ध कराने के लिए अनाज खरीदती थी. पिछले 5 महीने से भारतीय खाद्य निगम राज्य सरकार को अनाज उपलब्ध कराना क्यों बंद कर दिया है? इसके जबाव में मंत्री अश्विनी ने कहा राज्य में अनाज की कालाबाजारी हो रही है. भारतीय खाद्य निगम अनाज देने से कभी भी पीछे नहीं हटता है. राज्य सरकार राशन वितरण को ठीक करे. राज्य में राशन वितरण में काफी भ्रष्टाचार है. इसे भी पढ़ें – ईडी">https://lagatar.in/ed-investigation-revealed-land-mafia-and-officers-tampered-with-documents-to-grab-expensive-land/">ईडी

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