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देवघर में ई-रिक्शा और ऑटो चालकों का हड़ताल, प्रशासन पर अवैध वसूली का आरोप, यात्री परेशान

देवघर में ऑटो और ई-रिक्शा चालक अपनी मांगों को लेकर आज एक दिवसीय हड़ताल पर हैं. सैकड़ों की संख्या में चालक वीर कुंवर सिंह चौक पर प्रदर्शन कर अपना विरोध जता रहे हैं. उनका आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा उन पर जुल्म व अत्याचार किया जा रहा है. चालकों ने अवैध वसूली का आरोप भी लगाया है.
 

Deoghar :  देवघर में ऑटो और ई-रिक्शा चालक अपनी मांगों को लेकर आज एक दिवसीय हड़ताल पर हैं. सैकड़ों की संख्या में चालक वीर कुंवर सिंह चौक पर प्रदर्शन कर अपना विरोध जता रहे हैं. उनका आरोप है कि जिला प्रशासन द्वारा उन पर जुल्म व अत्याचार किया जा रहा है. चालकों ने अवैध वसूली का आरोप भी लगाया है.  

 

इधर  हड़ताल के कारण ऑटो और ई-रिक्शा का परिचालन नहीं हो रहा है, जिससे जसीडीह रेलवे स्टेशन, देवघर रेलवे स्टेशन, टॉवर चौक सहित पूरे शहर में यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है. यात्रियों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में काफी मशक्कत करनी पड़ रही है.  

मेहनत से कमाते हैं पर चालान भरने में निकल जाता पैसा

एक ऑटो चालक ने बताया कि प्रशासन द्वारा आए दिन जगह-जगह पर वाहनों को रोककर चालान काटा जाता है, जिससे उनकी रोजी-रोटी पर सीधा असर पड़ रहा है. उन्होंने कहा कि दिनभर मेहनत करके कुछ पैसा कमाते हैं. लेकिन अवैध वसूली की वजह से उनकी मेहनत का पैसा बर्बाद हो जाता है.    

 

प्रशासन के रवैये से चालक व परिवार में भुखमरी की स्थिति

​वहीं ऑटो संघ के जिला अध्यक्ष संदीप यादव ने भी इसपर  गंभीर चिंता व्यक्त की है. उन्होंने कहा कि प्रशासन के इस रवैये से कई चालक परेशान है. उन्होंने बताया कि देवघर के विभिन्न थानों में सैकड़ों टोटो वाहन जब्त करके रखे गए हैं. उनके चालान काटे जा रहे हैं.

 

वहीं दूसरी तरफ नगर निगम द्वारा अलग से टैक्स वसूली की जा रही है. ऐसे में टोटो और ऑटो मालिकों और उनके परिवारों के सामने भुखमरी की स्थिति पैदा हो गई है. उनके घर का चूल्हा ठंडा हो गया है और बच्चे पढ़ाई नहीं कर पा रहे हैं.

 

एक माह में 10-15 हजार के तीन चालान काटे जा रहे

​संदीप यादव ने कहा कि एक तरफ चालक लोन पर गाड़ी खरीदते हैं, ताकि किश्त-किश्त कर पैसे भर सकें. दूसरी तरफ उन्हें नगर निगम और प्रशासन के भारी भरकम चालानों का बोझ उठाना पड़ रहा है. उन्होंने आरोप लगाया कि एक-एक महीने में 10 से 15 हजार रुपये के तीन-तीन चालान काटे जा रहे हैं.

 

​उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यह हड़ताल तब तक जारी रहेगी, जब तक प्रशासन उन्हें लिखित आश्वासन नहीं देता. यदि उनकी मांगें नहीं मानी गईं और उन्हें न्याय नहीं मिला, तो वे डीसी कार्यालय का भी घेराव करेंगे. 

 

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