Ranchi: पूर्वी क्षेत्रीय परिषद (ईस्टर्न जोनल काउंसिल-ईजेडसी) की स्थायी समिति की 15वीं बैठक मंगलवार (7 जुलाई) को ओडिशा की राजधानी भुवनेश्वर में आयोजित होगी. बैठक में झारखंड, बिहार, ओडिशा और पश्चिम बंगाल समेत सदस्य राज्यों के पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी हिस्सा लेंगे. वहीं झारखंड की डीजीपी तदाशा मिश्रा भी बैठक में मौजूद रहेंगी.
बैठक में कानून-व्यवस्था, अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम, साइबर अपराध, महिलाओं और बच्चों के खिलाफ अपराधों की जांच, केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPFs) की तैनाती, ERSS-112 सेवा और फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा होगी.
बैठक में पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों की समीक्षा, लंबित एजेंडा बिंदुओं पर प्रगति और सदस्य राज्यों की उत्कृष्ट कार्यप्रणालियों पर भी विचार-विमर्श किया जाएगा. राज्यों के बीच बेहतर समन्वय और साझा रणनीति तैयार करने के उद्देश्य से आयोजित इस बैठक को पूर्वी भारत की सुरक्षा और प्रशासनिक व्यवस्था के लिहाज से काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है.
इन विषयों पर रहेगा विशेष फोकस
बैठक के लिए झारखंड से जिन प्रमुख विषयों पर रिपोर्ट मांगी गई है, उनमें केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों की तैनाती, फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट की स्थिति, साइबर अपराध की रोकथाम, ERSS-112 सेवा का क्रियान्वयन, अंतरराज्यीय अपराधों की रोकथाम के लिए राज्यों के बीच समन्वय और महिलाओं और बच्चों के खिलाफ यौन अपराधों की जांच व्यवस्था शामिल हैं.
फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट पर भी होगी चर्चा
केंद्र सरकार की ओर से फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट (FTSC) योजना की प्रगति भी बैठक का महत्वपूर्ण एजेंडा होगी. वर्ष 2019 में शुरू की गई इस योजना का उद्देश्य दुष्कर्म और पॉक्सो अधिनियम से जुड़े मामलों का त्वरित निपटारा करना है. केंद्र सरकार ने इस योजना को 31 मार्च 2026 तक बढ़ाया है और इसके लिए 1,952.23 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, जिसमें 1,207.24 करोड़ रुपये केंद्र सरकार की हिस्सेदारी है.
देशभर में अप्रैल 2024 तक 754 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, जिनमें 409 विशेष पॉक्सो अदालतें शामिल हैं, संचालित हो रही हैं. इन अदालतों ने अब तक 2.42 लाख से अधिक मामलों का निपटारा किया है. पूर्वी क्षेत्रीय परिषद से जुड़े राज्यों में 115 फास्ट ट्रैक स्पेशल कोर्ट, जिनमें 88 विशेष पॉक्सो अदालतें शामिल हैं, कार्यरत हैं.
गुड प्रैक्टिस भी साझा करेगा झारखंड
बैठक में झारखंड सरकार अपने तीन उत्कृष्ट और नवाचारी कार्यों (Good Practices) की प्रस्तुति भी देगी. प्रत्येक विषय पर लगभग 10 स्लाइड की पावर प्वाइंट प्रस्तुति तैयार की जाएगी. इसके अलावा पूर्वी क्षेत्रीय परिषद की पिछली बैठक में लिए गए निर्णयों पर कार्रवाई रिपोर्ट (Action Taken Report) तथा लंबित एजेंडा बिंदुओं की अद्यतन स्थिति भी प्रस्तुत की जाएगी.
सरकार का मानना है कि इस बैठक के माध्यम से राज्यों के बीच समन्वय मजबूत होगा और कानून-व्यवस्था, साइबर सुरक्षा, महिला सुरक्षा और अंतरराज्यीय अपराधों पर साझा रणनीति बनाने में मदद मिलेगी. झारखंड सरकार भी अपने अनुभवों और आवश्यकताओं को परिषद के समक्ष रखते हुए केंद्र से सहयोग और आवश्यक निर्णय की अपेक्षा करेगी.
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