Ranchi : रांची विश्वविद्यालय के नवनियुक्त कुलपति डॉ. सरोज शर्मा की नियुक्ति को लेकर विवाद गहराता जा रहा है. छात्र संगठनों ने उनकी नियुक्ति का विरोध करते हुए दिल्ली में दर्ज एक FIR का हवाला दिया है और राज्यपाल सह कुलाधिपति से तत्काल कार्रवाई की मांग की है.

FIR की कॉपी
छात्र नेताओं के अनुसार, दिल्ली के समयपुर बादली थाना में वर्ष 2024 में दर्ज FIR संख्या 0863 में डॉ. सरोज शर्मा का नाम सामने आया है. FIR भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 तथा एससी/एसटी अत्याचार निवारण अधिनियम की धारा 3(2)(v) और 3(2)(vii) के तहत दर्ज की गई है.
दस्तावेजों के अनुसार, शिकायतकर्ता अवि पवार ने आरोप लगाया है कि उनके पिता रामकुमार पवार, जो NIOS में चालक के पद पर कार्यरत थे, को जातिगत आधार पर मानसिक प्रताड़ना दी जाती थी. FIR में उल्लेख है कि कथित प्रताड़ना से परेशान होकर रामकुमार पवार ने आत्महत्या कर ली. पुलिस ने मामले में जांच शुरू कर दी थी और पोस्टमार्टम व अन्य कानूनी प्रक्रिया पूरी की गई.
रांची में छात्र संगठनों का कहना है कि झारखंड आदिवासी व दलित बहुल राज्य है और ऐसे गंभीर आरोपों का सामना कर रहे व्यक्ति की विश्वविद्यालय जैसे महत्वपूर्ण संस्थान में नियुक्ति चिंताजनक है. छात्रों ने सवाल उठाया कि जब FIR और जांच से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक हैं, तो नियुक्ति प्रक्रिया में इन तथ्यों पर विचार क्यों नहीं किया गया.
छात्र नेताओं ने दावा किया कि उन्होंने FIR की कॉपी और अन्य दस्तावेज राजभवन तक पहुंचाने की तैयारी कर ली है. उनका कहना है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो विश्वविद्यालय परिसर में व्यापक आंदोलन चलाया जाएगा.
हालांकि, इस मामले में डॉ. सरोज शर्मा या राजभवन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है. वहीं, पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार मामला जांच के दायरे में है और अंतिम निष्कर्ष न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट होगा.
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