Ranchi : रांची विश्वविद्यालय (RU) की नवनियुक्त कुलपति डॉ. सरोज शर्मा की नियुक्ति को लेकर विवाद लगातार बढ़ता जा रहा है. आज आदिवासी छात्र संघ (ACS) के एक प्रतिनिधिमंडल ने राजभवन पहुंचकर राज्यपाल सह कुलाधिपति से मुलाकात की और नियुक्ति को तत्काल रद्द करने की मांग की. इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने कुलपति के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामले से संबंधित दस्तावेज और समाचार पत्रों की कतरनें भी सौंपे.
संघ के प्रतिनिधियों ने राज्यपाल को बताया कि डॉ. सरोज शर्मा के खिलाफ दिल्ली के बादली थाना में कांड संख्या 863/2024 दर्ज है. आरोप है कि यह मामला राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान (NIOS) में कार्यरत एक दलित स्टाफ ड्राइवर की कथित प्रताड़ना और उसके बाद हुई आत्महत्या से जुड़ा हुआ है.
छात्र संघ के अनुसार, इस मामले में डॉ. शर्मा पर अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 के तहत गंभीर आरोप लगाए गए हैं. संघ ने कहा कि झारखंड जैसे आदिवासी व दलित बहुल राज्य में ऐसे विवादित पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति की कुलपति पद पर नियुक्ति सामाजिक न्याय और संवैधानिक मूल्यों के खिलाफ है.
प्रतिनिधिमंडल ने राज्यपाल को यह भी अवगत कराया कि डॉ. शर्मा की पूर्व नियुक्तियों को लेकर भी विवाद सामने आते रहे हैं. उन्होंने विभिन्न दस्तावेजों और मीडिया रिपोर्टों का हवाला देते हुए कहा कि राज्य के सबसे बड़े विश्वविद्यालय का नेतृत्व ऐसे व्यक्ति को नहीं सौंपा जाना चाहिए, जिन पर गंभीर आपराधिक आरोप लंबित हों.
राजभवन पहुंचे प्रतिनिधिमंडल में आदिवासी छात्र संघ के कार्यकारी अध्यक्ष दयाराम, केंद्रीय अध्यक्ष अमृत मुंडा, अखिलेश पाहन, अमृत टोप्पो, अभिषेक रजक और राकेश रोशन सहित अन्य सदस्य शामिल थे.संघ ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस नियुक्ति को वापस नहीं लिया गया, तो राज्यभर में व्यापक छात्र आंदोलन चलाया जाएगा.
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