Ranchi : झारखंड के सरकारी व अल्पसंख्यक इंटरमीडिएट महाविद्यालयों में 11वीं और 12वीं की सीटें बढ़ाने की मांग को लेकर सोमवार को भारतीय राष्ट्रीय छात्र संघ (NSUI) का प्रतिनिधिमंडल झारखंड अधिविद्य परिषद (JAC) कार्यालय पहुंचे. प्रतिनिधिमंडल ने पूर्व में सौंपे गए ज्ञापन पर हुई कार्रवाई की जानकारी मांगी.
NSUI ने बताया कि 22 जून को JAC अध्यक्ष को ज्ञापन सौंपकर इंटरमीडिएट की सीटों में तत्काल वृद्धि की मांग की गई थी. इसी मांग की प्रगति जानने के लिए संगठन दोबारा JAC कार्यालय पहुंचा.इस दौरान JAC की संयुक्त सचिव दीप्ति कुमारी के साथ NSUI कार्यकर्ताओं की तीखी नोकझोंक भी हुई. संगठन का आरोप है कि हर वर्ष सीटों की कमी के कारण हजारों योग्य छात्र-छात्राएं नामांकन से वंचित रह जाते हैं, जिससे उनके भविष्य पर प्रतिकूल असर पड़ता है.
NSUI नेताओं ने यह भी सवाल उठाया कि पहले दिए गए ज्ञापन पर अब तक कोई ठोस निर्णय क्यों नहीं लिया गया.वार्ता के दौरान संयुक्त सचिव ने प्रतिनिधिमंडल को 5 जुलाई को फिर से बुलाया और आश्वासन दिया कि उस दिन इस मुद्दे पर अंतिम निर्णय से अवगत कराया जाएगा.
NSUI का कहना है कि डिग्री कॉलेजों से इंटरमीडिएट की पढ़ाई समाप्त होने के बाद सरकारी व अल्पसंख्यक इंटर कॉलेजों पर नामांकन का दबाव काफी बढ़ गया है, जबकि सीटों की संख्या में आवश्यक वृद्धि नहीं की गई है. इसका सबसे अधिक असर गरीब, ग्रामीण और वंचित वर्ग के विद्यार्थियों पर पड़ रहा है.
संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि 5 जुलाई तक इंटरमीडिएट सीटों में पर्याप्त वृद्धि को लेकर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो पूरे झारखंड में चरणबद्ध छात्र आंदोलन शुरू किया जाएगा.प्रतिनिधिमंडल में प्रदेश महासचिव पवन नाग, रांची विश्वविद्यालय अध्यक्ष अधिवक्ता कैफ अली, महासचिव चांद अंसारी, निश्चल सोय, रांची महानगर अध्यक्ष सतीश कुमार केशरी, अगस्टीन दीप एक्का, कुणाल केशरी, श्रवण महानंद समेत अन्य कार्यकर्ता शामिल थे.


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