Search

Advertisement
Advertisement
Advertisement

दवा खरीद घोटाला: जिसने घोटाला किया उस पर कार्रवाई नहीं, मुझे कोर्ट के चक्कर लगाने पड़े- सरयू राय

Ranchi : झारखंड के स्वास्थ्य विभाग में दवा खरीद को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है. आरोप है कि ई-टेंडर में तय कम कीमतों को नजरअंदाज कर जेम (GeM) पोर्टल से कई दवाएं कई गुना ज्यादा कीमत पर खरीदी गईं. इस मामले को लेकर विधायक सरयू राय ने राज्य सरकार पर निशाना साधा है.

 

सरयू राय ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट में लिखा कि ऐसा पहले भी हो चुका है. उन्होंने कहा कि जब उन्होंने इस मामले से जुड़े दस्तावेज सार्वजनिक किए थे, तब भ्रष्टाचार करने वालों पर कार्रवाई करने के बजाय उनके खिलाफ विभाग के गोपनीय दस्तावेज चुराने का मामला दर्ज कर दिया गया. उन्होंने कहा कि उस मुकदमे में अभी भी गवाही चल रही है.

 

उन्होंने आगे लिखा कि भ्रष्टाचार करने वाले पर कोई कार्रवाई नहीं हुई, लेकिन भ्रष्टाचार उजागर करने वाले पर मुकदमा कर दिया गया. अपने पोस्ट के अंत में उन्होंने लिखा, सरकार मुकदमा करके खुश है तो मैं मुकदमा लड़कर खुश हूं. 

 

रिपोर्ट के अनुसार, ई-टेंडर में कम दर तय होने के बावजूद कई दवाएं जेम पोर्टल से कई गुना ज्यादा कीमत पर खरीदी गईं. अधिकारियों का कहना है कि टेंडर लेने वाली कंपनी समय पर दवा की आपूर्ति नहीं कर रही थी, इसलिए यह खरीद करनी पड़ी.

 

आरोप के अनुसार, ओफ्लॉक्सासिन टैबलेट की ई-टेंडर कीमत 84 पैसे थी, लेकिन इसे 15.86 रुपये में खरीदा गया. ओन्डानेसेट्रॉन 4 एमजी टैबलेट 16 पैसे की जगह 2.90 रुपये में खरीदी गई. डेक्सट्रोमेथॉर्फन कफ सिरप की टेंडर कीमत 9.80 रुपये थी, जबकि इसकी खरीद 81 रुपये प्रति बोतल के हिसाब से हुई. मल्टीविटामिन कैप्सूल 23 पैसे की जगह 3.88 रुपये में खरीदा गया.

 

रिपोर्ट में यह भी दावा किया गया है कि एम्लोडिपिन, ग्लिमेपिराइड, एजिथ्रोमाइसिन और कई दूसरी दवाओं की खरीद भी टेंडर दर से कई गुना ज्यादा कीमत पर की गई. इससे सरकारी खर्च को लेकर सवाल उठ रहे हैं.

 

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

Comments

Leave a Comment

Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही