Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (डीएसपीएमयू) में आज आदिवासी छात्र संघ के नेतृत्व में छात्रों ने खेल विभाग के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया. छात्रों ने विश्वविद्यालय के मुख्य गेट पर तालाबंदी कर खेल विभाग में कथित भ्रष्टाचार, वित्तीय अनियमितताओं और छात्राओं के साथ दुर्व्यवहार के आरोप लगाते हुए आरोपी शिक्षक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की.
प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि खेल विभाग में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भाग दिलाने के नाम पर छात्रों से 1 लाख से 1.5 लाख रुपये तक की अवैध वसूली की जाती है. उनका यह भी आरोप है कि खिलाड़ियों को मिलने वाले खेल प्रमाणपत्र और मेडल कथित तौर पर लाखों रुपये लेकर अन्य लोगों को उपलब्ध कराए जाते हैं.
प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने विभाग के एक पीटी शिक्षक पर छात्राओं के साथ कथित अभद्र व्यवहार और यौन शोषण जैसे गंभीर आरोप भी लगाए. छात्रों का दावा है कि इस संबंध में पीड़ित छात्राओं की लिखित शिकायतें विश्वविद्यालय प्रशासन, कुलपति और राज्यपाल को पहले ही सौंप दी गई हैं.
छात्रों का कहना है कि मामले की जांच के लिए समिति गठित की गई थी, लेकिन डेढ़ महीने से अधिक समय बीतने के बावजूद रिपोर्ट सार्वजनिक नहीं की गई और न ही आरोपी के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई हुई. उन्होंने आरोप लगाया कि शिकायत करने वाले छात्रों पर शिकायत वापस लेने का दबाव भी बनाया जा रहा है.
आदिवासी छात्र संघ ने चेतावनी दी है कि जब तक आरोपी शिक्षक के खिलाफ कार्रवाई नहीं की जाती, तब तक विश्वविद्यालय में उनका आंदोलन और तालाबंदी जारी रहेगी. साथ ही, मांगें पूरी नहीं होने पर प्रशासनिक भवनों का घेराव और अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की भी चेतावनी दी गई है.


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