Ranchi : डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी विश्वविद्यालय (DSPMU)में शनिवार को आदिवासी छात्र संघ की महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई. बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, छात्र हितों की रक्षा तथा विश्वविद्यालय परिसर में व्याप्त विभिन्न समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई. इस दौरान सर्वसम्मति से संगठन की नई कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई.
नई कार्यकारिणी के तहत अमृत मुंडा को अध्यक्ष, बादल भोक्ता को उपाध्यक्ष तथा अखिलेश पाहन को सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई. संगठन ने कहा कि नई टीम छात्रों की समस्याओं को प्रभावी ढंग से विश्वविद्यालय प्रशासन के समक्ष उठाएगी.
बैठक में चार वर्षीय स्नातक पाठ्यक्रम (FYUGP) में 10 प्रतिशत इंटर-फैकल्टी कोटा लागू करने की मांग प्रमुखता से उठाई गई. इस संबंध में ST/SC सेल के अध्यक्ष प्रो. जिन्दर सिंह मुंडा के माध्यम से विश्वविद्यालय प्रशासन को ज्ञापन सौंपा गया.
ज्ञापन में एक संकाय से दूसरे संकाय में प्रवेश के लिए निर्धारित 10 प्रतिशत इंटर-फैकल्टी नियम को पूरी तरह लागू करने की मांग की गई.इसके अलावा संगठन ने नामांकन प्रक्रिया में अनुसूचित जनजाति (ST) और अनुसूचित जाति (SC) के लिए निर्धारित संवैधानिक आरक्षण रोस्टर का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करने की मांग की. संगठन का कहना है कि आरक्षण नियमों का कड़ाई से पालन किया जाए ताकि किसी भी पात्र छात्र के अधिकारों का हनन न हो.
बैठक में संगठन के नाम पर कथित रूप से फर्जी NGO चलाने और छात्रों को गुमराह करने वाले लोगों पर भी चिंता व्यक्त की गई. आदिवासी छात्र संघ ने DSPMU के जूलॉजी विभाग के एक शिक्षक के साथ हुई मारपीट और गुंडागर्दी की घटना की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए पुलिस और विश्वविद्यालय प्रशासन से दोषियों के खिलाफ तत्काल सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की. संगठन ने कहा कि परिसर का शैक्षणिक माहौल खराब करने वाले असामाजिक तत्वों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाने चाहिए.
Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें


Leave a Comment