Ranchi: विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) ने BCCL में अवर बर्डन हटाने वाली कंपनियों द्वारा सरकारी जमीन के अतिक्रमण के मामले में की गयी कार्रवाई की जानकारी मांगी थी. AT Dev Prabha JV पर जमीन के अतिक्रमण का आरोप था. यह देव प्रभा कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड के साथ बनी एक ज्वाइंट वेंचर इकाई है. BCCL हर साल इस कंपनी को हजारों करोड़ रुपये का काम देती है. लेकिन उसने पुलिस को देव प्रभा के निदेशकों के बदले अधिकृत व्यक्ति का नाम बताया. पुलिस ने भी BCCL द्वारा निदेशकों के बदले अधिकृत व्यक्ति का नाम बताये जाने की जानकारी विधानसभी की विशेष समिति को दी.
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विधानसभा सदस्य चंद्रदेव महतो और अरूप चटर्जी ने ध्यानाकर्षण सूचना में BCCL में AT Dev Prabha JV सहित अन्य कंपनियों द्वारा ओवर बर्डन हटाने के दौरान सरकारी जमीन पर अतिक्रमण, रैयती जमीन पर OB Dump रोकने, रैयतों को मुआवजा देने सहित अन्य मुद्दे उठाये थे. इसमें धनबाद जिले के बलियापुर अंचल अधिकारी द्वारा तिरसा थाना (अलगडीहा ओपी) में दर्ज प्राथमिकी संख्या 79/23 में अब तक की गयी कार्रवाई का मामला भी शामिल था.

विधानसभा की विशेष समिति की ओर से मांगी गयी जानकारी
विधानसभा के प्रभारी सचिव रंजीत कुमार ने 16 अप्रैल 2026 को धनबाद के वरीय पुलिस अधीक्षक को एक पत्र लिखा. इसमें उन्होंने यह लिखा कि विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) की पहली अप्रैल 2026 को बैठक हुई थी. इसमें अंचल अधिकारी बलियापुर द्वारा दर्जी करायी गयी प्राथमिकी (79/23) के आलोक में की गयी कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट मांगने का फैसला किया गया. इसलिए एक महीने के अंदर इस मुद्दे पर की गयी कार्रवाई से संबंधित रिपोर्ट विधानसभा की विशेष समिति को उपलब्ध करायें.
विधानसभा में उठे इन सवालों के आलोक में विधानसभा की विशेष समिति (प्रश्न एवं ध्यानाकर्षण) का एक जून 2026 से तीन जून 2026 तक दौरा हुआ था. इसमें विशेष समिति ने स्थल का दौरा किया. इसके अलावा जिले के प्रशासनिक अधिकारियों के अलावा BCCL सहित अन्य सरकारी अधिकारियों का साथ विशेष समिति की बैठकें आयोजित की गयी थी. इसके बाद विधानसभा की विशेष समिति की बैठक 28 जुलाई 2026 को आयोजित की गयी.
इस बैठक में अध्यक्ष सह प्रबंध निदेशक BCCL, मुगमा क्षेत्र के महाप्रबंधक, मैथन पावर लिमिटेड के मुख्य कार्यपालक अभियंता, मेसर्स टाटा स्टील लिमिटेड, झरिया डिविजन के महाप्रबंधक, DGMS के निदेशक और हिंदुस्तान उर्वरक लिमिटेड के महा प्रबंधक को अपने अपने मद्दों से संबंधित रिपोर्ट के साथ समिति की बैठक में शामिल होने का निर्देश दिया गया.
विधानसभा सचिवालय द्वारा जारी निर्देश के आलोक में संबंधित कंपनियों के प्रतिनिधि अपनी-अपनी रिपोर्ट के साथ समिति के समक्ष उपस्थित हुए. इसी बैठक में धनबाद पुलिस भी अपनी रिपोर्ट के साथ समिति के समक्ष हाजिर हुई. पुलिस ने विधानसभा की विशेष समिति को बताया कि मामले में कार्रवाई करने के लिए BCCL से AT Dev Prabha के निदेशकों या मालिकों के नाम की जानकारी मांगी गयी थी. इसके लिए संबंधित थाने से पत्र भेजा गया था. लेकिन BCCL ने इस कंपनी के निदेशकों के नाम की जानकारी नहीं दी. BCCL में पुलिस के कंपनी के अधिकृत व्यक्ति के रूप में रमाकांत सिंह के नाम की जानकारी दी है.
यहां यह बात उल्लेखनीय है कि देव प्रभा कंस्ट्रक्शन का विस्तृत ब्योरा Ministry of Corporate Affair (MCA) पर उपलब्ध है. MCA पर उपलब्ध सूचना के अनुसार इस कंनपी का CIN- U70102JH2010PTC014386 है. कंपनी के पते के रूप में देव विला, दूसरा तल्ला, धनबाद 826004 दर्ज है. कंपनी का गठन 20 अगस्त 2010 को हुआ था. कंपनी के निदेशक के रूप में लाल बहादुर सिंह और रंजीत सिंह का नाम दर्ज है. कंपनी के इन दोनों निदेशकों के ठिकानों पर कोयले के अवैध खनन और व्यापार के आरोप में दर्ज मामले में प्रवर्तन निदेशालय(ED) दोनों के ठिकानों पर छापा मार चुकी है. पहले एलबी सिंह के ठिकानों पर छापेमारी हुई थी. इसके बाद 28 जुलाई 2026 को रंजीत सिंह के ठिकाने पर छापेमारी हुई.
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