- बाहरी विद्यार्थियों को प्राथमिकता देने का लगाया आरोप
Ranchi : रांची विश्वविद्यालय के जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा (टीआरएल) संकाय में शुक्रवार को स्नातकोत्तर एवं यूजीसी नेट-जेआरएफ उत्तीर्ण छात्र-छात्राओं ने शोध निर्देशक उपलब्ध कराने की मांग को लेकर कॉलेज के समक्ष धरना दिया. विद्यार्थियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और संबंधित विभागों पर उनकी समस्याओं की लगातार अनदेखी करने का आरोप लगाया है.
छात्रों ने बताया कि पिछले डेढ़ से दो वर्षों से वे विभाग और विश्वविद्यालय प्रशासन को लगातार आवेदन देकर शोध निर्देशक उपलब्ध कराने की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं की जा रही है. शोध निर्देशन नहीं मिलने के कारण उनका शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है. वे मानसिक तनाव झेल रहे हैं.
धरना में शामिल विद्यार्थियों ने आरोप लगाया कि रांची विश्वविद्यालय के स्नातकोत्तर विभाग एवं विभिन्न कॉलेजों में कार्यरत टीआरएल विभाग के कई सहायक प्राध्यापक सीट नहीं होने का हवाला देकर उन्हें शोध निर्देशन देने से इंकार कर रहे हैं. वहीं, दूसरी ओर अन्य विश्वविद्यालयों से आने वाले विद्यार्थियों को आसानी से सहमति प्रदान किए जा रहे हैं.
छात्रों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है और कहा कि स्थानीय विद्यार्थियों के साथ अन्याय किया जा रहा है. छात्रों ने बताया कि जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के संरक्षण और अकादमिक विकास की जिम्मेदारी जिस विश्वविद्यालय पर है, वहीं के छात्र यदि शोध निर्देशन के लिए भटकने को मजबूर हों, तो यह उच्च शिक्षा व्यवस्था के लिए चिंता का विषय है.
विद्यार्थियों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी.
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