Ranchi : झारखंड राज्य अनुबंधित पारा चिकित्सा कर्मी संघ और झारखंड राज्य एनआरएचएम एएनएम-जीएनएम संघ के संयुक्त तत्वाधान में मंगलवार को हड़ताल का आठवां दिन है. चरणबद्ध आंदोलन के दौरान स्वास्थ्य कर्मियों ने हवन, रक्तदान, मानव श्रृंखला और कैंडल मार्च भी निकाला. लेकिन जब राज्य सरकार की नींद नहीं खुली, तब जाकर मंगलवार से राज्यभर के 21 कर्मचारी आमरण अनशन पर बैठ गए हैं. आमरण अनशन पर बैठे कर्मचारियों की हौसला अफजाई और संघ की एकजुटता के लिए सदस्यों ने अनशनकारियों को माला पहनाया. इसे भी पढ़ें - जेईई">https://lagatar.in/jee-main-maths-tough-chemistry-easy/">जेईई
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16 साल से अनुबंध पर कर रहे है काम
झारखंड राज्य एनआरएचएम एएनएम-जीएनएम अनुबंध कर्मचारी संघ की प्रदेश महासचिव और अनशन पर बैठी वीणा सिंह ने कहा, बीते 16 वर्षों से अनुबंध पर काम कर रहे हैं. लेकिन बढ़ती महंगाई में सरकार अल्प मानदेय में काम करवा रही है. अपने जीवन का स्वर्णिम समय स्वास्थ्य विभाग और राज्य के लोगों की सेवा करते हुए बिता दिए. लेकिन अब तक हम लोगों को स्थाई नहीं किया गया है.ये कर्मचारी बैठे हैं अनशन पर
वीणा कुमारी, बिनय कुमार, धरनी कुमारी, सूर्यकांति कुमारी, ममता कुमारी, पूर्णिमा कुमारी, शिवरानी कुमारी, अंजलिना खाखा, पूनम कुमारी, नंदनी कुमारी, ललिता कुमारी, अनिता कुमारी, बबिता कुमारी, टेरेसा मिंज, अरुणा टोप्पो, सुनीता कुमारी, सत्येंद्र कुमार, नवीन कुमार रंजन, सुशांत कुमारी दास, रंजीत सुरीन और प्रदीप कुमार. इसे भी पढ़ें - लटर">https://lagatar.in/paddy-ropa-ropi-re-in-latar-patar-kado-a-unique-initiative-to-save-the-vanishing-folk-songs/">लटरपटर कादो में धान रोपा रोपी रे…, विलुप्त हो रहे लोकगीतों को बचाने की अनोखी पहल
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