National News: एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक ने यक्रेन में इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगा दी है. इंटरनेट स्पीड कम होने से यूक्रेनी ड्रोन के पलटवार करने की क्षमता पर असर पड़ा है. अब यूक्रेन के लिए रूस के अंदर ड्रोन हमले करना और रूसी ड्रोन हमलों को रोकना काफी मुश्किल हो गया है.
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स्टारलिंक की इंटरनेट स्पीड पर उस वक्त रोक लगाई गई है. जब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने पिछले हफ्ते रूस से डीजल खरीदने की घोषणा की थी. इसी दौरान रूस और यूक्रेन 'ऊर्जा युद्धविराम' पर सहमत हुए हैं.
एलन मस्क की कंपनी स्टारलिंक की ओर से इंटरनेट की स्पीड पर लिमिट लगाने का फैसला भारत के लिए सीख के तौर पर देखा जा सकता है. हाल ही में एलन मस्क ने भारत में स्टारलिंक के मंजूरी में हो रही देरी को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट किया था और इशारों में रियालंस जियो पर निशाना साधा था. उन्होंने भारत सरकार पर भेदभाव के आरोप लगाए थे. हालांकि सरकार ने आरोपों को नकार दिया है.
लेकिन यूक्रेन में इंटरनेट कनेक्शन बंद करने के फैसले ने भारत को बड़ी सीख दी है. ऐन मौके पर ये कंपनी मनमाना रवैया अपनाने से पीछे नहीं हटेगी. जैसी की कारगिल युद्ध के दौरान भारत की निर्भरता अमेरिकी जीपीएस पर थी. लेकिन युद्ध के दौरान जीपीएस की एक्सेस भारत को नहीं मिलने से भारी नुकसान उठाना पड़ा था. जिसके बाद भारत ने अपना खुद का नेविगेशन सिस्टम विकसित किया. जिसका नाम नाविक (NAVIC) भारतीय क्षेत्रीय नौवहन उपग्रह प्रणाली है.
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