Search

 
 
 

अनिरुद्धाचार्य-प्रेमानंद महाराज के लिव-इन बयान पर बोले एल्विश ,कहा-हर किसी का नजरिया अलग ...

कथावाचक अनिरुद्धाचार्य अक्सर अपने बयानों के चलते सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं. हाल ही में उनका एक बयान वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने लड़कियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इसी संदर्भ में संत प्रेमानंद महाराज ने भी लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर अपनी राय रखी, जिसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया गया
 

Lagatar desk : कथावाचक अनिरुद्धाचार्य अक्सर अपने बयानों के चलते सोशल मीडिया पर चर्चा में रहते हैं. हाल ही में उनका एक बयान वायरल हुआ, जिसमें उन्होंने लड़कियों को लेकर विवादित टिप्पणी की थी. इसी संदर्भ में संत प्रेमानंद महाराज ने भी लिव-इन रिलेशनशिप को लेकर अपनी राय रखी, जिसे भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया गया. इन बयानों को लेकर सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है और अब यूट्यूबर व बिग बॉस ओटीटी 2 के विजेता एल्विश यादव ने भी इस विवाद पर अपनी राय दी है.

 

क्या है पूरा मामला

विवाद की शुरुआत उस वक्त हुई जब वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्धाचार्य ने अपने प्रवचनों में लिव-इन रिलेशनशिप को भारतीय संस्कृति के खिलाफ बताया.अनिरुद्धाचार्य ने महिलाओं को लेकर एक विवादित टिप्पणी करते हुए कहा था .25 साल की लड़कियों को हम अपने घर में बहु बनाकर लाते हैं, लेकिन तब तक वे चार जगह मुंह मार चुकी होती हैं.

वहीं संत प्रेमानंद महाराज ने भी लड़के और लड़की दोनों के लिव-इन में रहने पर आपत्ति जताई थी. इस बयान के बाद सोशल मीडिया पर दोनों ही संतों की तीखी आलोचना होने लगी. कई सेलेब्रिटीज और यूजर्स ने अपनी-अपनी राय रखी. अब एल्विश यादव का रिएक्शन भी सामने आया है.

एल्विश यादव ने क्या कहा

एल्विश यादव ने इस विवाद पर अपनी प्रतिक्रिया एक सोशल मीडिया पोस्ट के ज़रिए दी. उन्होंने कहा जो कॉन्ट्रोवर्सी चल रही है, उसमें प्रेमानंद महाराज और अनिरुद्ध जी सहित कई लोगों ने अपनी बात कही है. मेरी राए ये है कि हम न कभी लिव-इन में रहे हैं और न ही हमारे घरवाले इसकी इजाज़त देते. एल्विश ने इसे कल्चरल डिफरेंस का मुद्दा बताया और कहा कि,किसी के घरवाले मान जाते हैं, तो किसी के नहीं. सबका नजरिया अलग होता है. कोई लिव-इन को सही मानता है, कोई नहीं.उन्होंने प्रेमानंद महाराज का पक्ष लेते हुए यह भी कहा कि अगर उन्होंने लड़के और लड़की दोनों के लिए बोला है, तो फिर केवल एक पक्ष को क्यों निशाना बनाया जा रहा है

Lagatar Media की यह खबर आपको कैसी लगी. नीचे दिए गए कमेंट बॉक्स में अपनी राय साझा करें.

 

Comments
Leave a Comment
Follow us on WhatsApp

Lagatar Media

Lagatar Media App
बेहतर न्यूज़ अनुभव
Lagatar Media App
ब्राउज़र में ही