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होम व कार लोन की EMI होगी सस्ती, RBI ने रेपो रेट में की 0.50% कटौती

भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट को 0.50 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है. यह लगातार तीसरी बार है, जब इस साल रेपो रेट में कमी की गई है. इससे पहले RBI ने इस साल फरवरी और अप्रैल में भी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी. जिसके बाद रेपो रेट 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत हो गया था.
 

New Delhi :  भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) ने मोनेटरी पॉलिसी कमेटी (MPC) की बैठक के बाद रेपो रेट को 0.50 प्रतिशत घटाकर 5.5 प्रतिशत कर दिया है. यह लगातार तीसरी बार है, जब इस साल रेपो रेट में कमी की गई है. इससे पहले RBI ने इस साल फरवरी और अप्रैल में भी रेपो रेट में 0.25 प्रतिशत की कटौती की थी. जिसके बाद रेपो रेट 6.5 प्रतिशत से घटाकर 6 प्रतिशत हो गया था. 

 

लगातार देश में महंगाई का स्तर 4 प्रतिशत से नीचे

आरबीआई के इस फैसले से होम लोन, कार लोन सहित अन्य कर्जों की ईएमआई कम होने की उम्मीद बढ़ गई है. अगर ईएमआई घटेगी तो इससे आम आदमी को बड़ी राहत मिलेगी. RBI के गवर्नर संजय मल्होत्रा ने कहा कि देश में महंगाई का स्तर लगातार 4 प्रतिशत से नीचे है और GDP ग्रोथ बेहतर बनी हुई है. इसके अलावा राजनीतिक स्थिरता भी बनी हुई है, इसलिए MPC ने मौद्रिक नीति को और उदार बनाने का निर्णय लिया है.

 

 

GDP 6.5 और रिटेल महंगाई 3.7 प्रतिशत रहने का अनुमान

आरबीआई ने बताया कि रेपो रेट में कटौती से सिस्टम में नकदी की उपलब्धता बढ़ेगी, जिससे बाजार में मांग और घरेलू विकास को बढ़ावा मिलेगा. वैश्विक अस्थिरता के बीच घरेलू विकास पर ध्यान देना आवश्यक है. RBI ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए GDP ग्रोथ अनुमान को 6.5 प्रतिशत और रिटेल महंगाई के अनुमान को 3.7 प्रतिशत पर बनाए रखा है.

 

सस्ती होगी लोन की EMI

रेपो रेट वह ब्याज दर है जिस पर RBI बैंकों को लोन देता है. जब रेपो रेट कम होता है, तो बैंकों की पूंजी लागत घटती है और वे अपने ग्राहकों को सस्ते लोन प्रदान करते हैं. RBI के नियमों के अनुसार, बैंकों को अपनी रिटेल लोन ब्याज दरों को रेपो रेट से लिंक करना होता है, इसलिए रेपो रेट में कमी से बैंकों पर ब्याज दरों में कटौती का दबाव बनता है, जिससे लोन की EMI कम होती है. 

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