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मुठभेड़ हुई JJMP के साथ, बरामद हुए माओवादी पर्चा, कहीं दोनों संगठनों में गठजोड़ के संकेत तो नहीं!

Saurav singh Ranchi :  लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र के उग्रवाद प्रभावित गांव मांड़र टोला (एरूद-किता) में बुधवार की शाम पुलिस और जेजेएमपी उग्रवादियों के बीच मुठभेड़ हुई थी. दोनों तरफ से करीब 150 राउंड फायरिंग की बात कही जा रही है. मुठभेड़ के बाद पुलिस द्वारा चलाये गये सर्च अभियान के दौरान पुलिस ने 50 राउंड गोली, आठ मोबाइल, जेजेएमपी का रसीद बुक, एमसीसी का रसीद बुक, माओवादी साहित्य, माओवादी संगठन का पर्चा समेत कई अन्य सामान बरामद हुआ है. पुलिस के अधिकारी इस बात को लेकर अचंभित हैं कि मुठभेड़ जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के लवलेश गंझू के साथ के हुई, लेकिन मुठभेड़ स्थल से जेजेएमपी संगठन के साथ- साथ भाकपा माओवादी का साहित्य और पोस्टर बरामद हुआ है. कहीं यह भाकपा माओवादी संगठन और जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के बीच गठजोड़ के संकेत तो नहीं. इस मामले में लातेहार एसपी अंजनी अंजन ने बताया कि आज से 15 से 20 दिन पहले भाकपा माओवादी और जेजेएमपी के बीच मुठभेड़ हुई थी. ऐसे में संभावना जताई जा रही है कि भाकपा माओवादी का कुछ सामान जेजेएमपी के हाथ लगा हो. इसे भी पढ़ें -  झारखंड">https://lagatar.in/38-percent-reduction-in-electricity-bill-collection-show-cause-to-jee-12/">झारखंड

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 डिप्टी कमांडेंट की शहादत के बाद JJMP पर बढ़ी पुलिस की दबिश

लातेहार जिले के सलैया जंगल में 28 सितंबर को सुरक्षाबलों की झारखंड जन मुक्ति परिषद (जेजेएमपी) के उग्रवादियों के साथ मुठभेड़ हुई. इसमें एक नक्सली मारा गया. साथ ही बीएसएफ के डिप्टी कमांडेंट राजेश कुमार शहीद हो गये थे. वह झारखंड जगुआर में प्रतिनियुक्ति पर थे. झारखंड के इतिहास में यह पहली घटना थी, जब जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के साथ हुए मुठभेड़ में झारखंड पुलिस के जवान शहीद हुए. जेजेएमपी सुप्रीमो के पप्पू लोहरा के दस्ते के साथ मुठभेड़ हुई थी. इस घटना के बाद जेजेएमपी उग्रवादी संगठन के ऊपर झारखंड पुलिस की दबिश बढ़ी. इस संगठन से जुड़े दर्जनों उग्रवादियों को हाल के महीनों में पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है. ऐसे में यह भी एक वजह हो सकती है कि जेजेएमपी कमजोर होने के वजह से भाकपा माओवादी संगठन से हाथ मिला लिया हो. इसे भी पढ़ें - पंजाब">https://lagatar.in/punjab-blast-in-ludhiana-court-2-killed-4-injured/">पंजाब

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 एक साल बाद चंदवा इलाके में उग्रवादियों के साथ गोलीबारी

लातेहार जिले के चंदवा थाना क्षेत्र में लंबे समय से उग्रवादी घटना नहीं हुई है. साथ ही इलाके में एक साल के दौरान गोलीबारी भी नहीं हुई है. उग्रवादियों के मूवमेंट और पुलिस के साथ गोलीबारी की घटना से यह साफ हो गया है कि ग्रामीण इलाकों में उग्रवादियों का मूवमेंट शुरू हो गया है. जिस जंगल में मुठभेड़ हुई है वह भाकपा माओवादी का इलाका माना जाता रहा है. इसे भी पढ़ें - पश्चिम">https://lagatar.in/west-bengal-29-children-found-corona-positive-in-navodaya-school-other-children-are-being-tested/">पश्चिम

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 जिस पप्पू लोहरा को साथ लेकर घूमते थे, अब उससे ही लड़ना पड़ रहा

तीन साल पहले तक पुलिस के अधिकारी और जवान जेजेएमपी के जिस उग्रवादी पप्पू लोहरा को लेकर जंगल में घूमते थे, अब उसी उग्रवादी के साथ पुलिस को लड़ना पड़ रहा है. 16 दिसंबर 2018 को जंगल की एक फोटो वायरल हुआ था. जंगल में सीआरपीएफ के अधिकारी व जवान थे और साथ में जेजेएमपी का वह उग्रवादी पप्पू लोहरा व सुशील उरांव भी था. एक तथ्य यह भी था कि पप्पू लोहरा पर झारखंड पुलिस ने 10 लाख का और सुशील उरांव पर 05 लाख रुपये के इनाम की घोषणा की है. फोटो सामने आने के बाद पुलिस मुख्यालय के अधिकारियों व सीआरपीएफ के अधिकारियों ने कहा था, कि इस तस्वीर की जांच होगी. जांच हुई या नहीं. जांच हुई तो क्या कार्रवाई हुई, इसकी जानकारी अब तक सार्वजनिक नहीं हो पायी है. इसे भी पढ़ें - लोहरदगा:">https://lagatar.in/lohardaga-villager-killed-in-ied-blast-in-serengdag/">लोहरदगा:

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