- जिम्मेवारों को नहीं दिखता अतिक्रमण, कार्रवाई के नाम पर होती है सिर्फ खानापूर्ति
- प्रशासन ने नहीं ली सुध तो अस्तित्व पर आ जाएगा संकट
नदी, डैम, तालाबों को अतिक्रमण मुक्त करने के नाम पर सिर्फ खानापूर्ति
कांके डैम में अतिक्रमण कांके रोड, रातू रोड के इंद्रपुरी, कटहरगोंदा, सरोवरनगर और पंडरा के नवासोसो आदि इलाके में ज्यादा है. इन इलाकों में कई अवैध कॉलोनियां बस गई है. यहां सरकारी सुविधा भी मुहैया करा दी गई है. जलसंकट से राजधानी रांची के कई इलाके के लोग परेशान हैं. चापानल और कुआं गर्मी आते ही सूख जा रहे हैं. हाइकोर्ट का नदी, डैम और तालाबों के किनारे से अतिक्रमण हटाने का निर्देश आने के बाद प्रशासनिक पदाधिकारी सिर्फ खानापूर्ति करते हैं. तोड़े गये घर वाले इलाके में ही बने कुछ झुग्गी झोपड़ियों पर कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दी जाती है. आसपास के लोगों कहते हैं कि प्रशासन कार्रवाई के नाम पर सिर्फ कोरम पूरा करता है. डैम की जमीन पर बने पक्के मकानों को छोड़ दिया जाता है. कई बार अधिकारी हवाला देते हैं कि डूब क्षेत्र में बने घरों को अभी तोड़ा गया है. बाद में ग्रीन लैंड पर बने घरों को चिन्हित कर कार्रवाई की जाएगी. मगर आजतक ऐसा नहीं किया गया.डैम में बहाया जाता है खटाल और घर का कचरा
कांके डैम के किनारे कई अवैध कॉलोनियां बस गई है. जहां के लोग अपने घरों का कचरा सीधे डैम में फेंक देते हैं. वहीं डैम के आसपास कई अवैध खटाल बसे हैं. खटाल का गोबर समेत अन्य कचरा भी डैम में ही बहाया जाता है. इस वजह से डैम में गाद भर गया है. डैम में पानी कम और गाद ज्यादा है. पहले डैम में किनारे में ही अधिक गहरा हुआ करता था, मगर अब देखा जा रहा है कि बच्चे और जानवर डैम में दूर तक चले जा रहे हैं, मगर पानी थोड़ा ही दिख रहा है. इसे भी पढ़ें : रांचीः">https://lagatar.in/ranchi-huge-fire-broke-out-in-harmu-wholesale-fruit-market-many-fire-brigade-vehicles-on-the-spot/">रांचीःहरमू थोक फल मंडी में लगी भीषण आग, दमकल की कई गाड़ियां मौके पर [wpse_comments_template]
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