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बिहार में नीतीश युग का अंत, 19 साल से अधिक रहे मुख्यमंत्री, अब भाजपा का सीएम!

नीतीश कुमार ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उनके मन में लंबे समय से संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सदस्य बनने की इच्छा रही है.
 
  • राज्यसभा जाएंगे नीतीश कुमार, मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने का किया ऐलान
  • भाजपा की बांछे खिल गयी हैं कि अब बिहार में भाजपा का सीएम होगा
  • बिहार की सत्ता में भाजपा का दबदबा जदयू से ज्यादा है.
  • भाजपा का अपना कोई नेता पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा.

Patna : जदयू के राष्ट्रीय अध्यक्ष व बिहार के CM नीतीश कुमार ने बिहार की राजनीति में चल रही अटकलों पर विराम लगाते हुए घोषणा की है कि वे मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देकर राज्यसभा जायेंगे. 

 

उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट कर कहा कि उनके मन में लंबे समय से संसद के दोनों सदनों और राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों का सदस्य बनने की इच्छा रही है.

 

 

नीतीश कुमार बिहार के सबसे लंबे समय तक मुख्यमंत्री रहने वाले नेता हैं. उन्होंने पहली बार वर्ष 2000 में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी और इसके बाद कई बार सरकार बनाई.

वे अब तक लगभग नौ बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं और कुल मिलाकर करीब 19 वर्षों से अधिक समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहे हैं, जो राज्य के इतिहास में सबसे लंबा कार्यकाल माना जाता है.

नीतीश कुमार द्वारा राज्य सभा जाने की इच्छा जताने पर भाजपा की बांछे खिल गयी हैं कि अब बिहार में भाजपा का सीएम होगा. 

नीतीश कुमार के राज्यसभा जाने के बाद बिहार सीएम पद की कुर्सी खाली हो जायेगी. माना जा रहा है कि राज्य की कमान भाजपा के पास आयेगी. बता दें कि बिहार की सत्ता में भाजपा का दबदबा जदयू से ज्यादा है.

यानी नीतीश कुमार के बाद राज्य की सत्ता भाजपा के पास जा सकती है. अगर ऐसा होता है,  भाजपा का अपना कोई नेता पहली बार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठेगा.

कहा जा रहा है किनीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार को भी अहम जिम्मेदारी मिलने वाली है, राज्य में  सत्ता परिवर्तन के बाद निशांत कुमार को डिप्टी सीएम बनाया जा सकता है.

खबर है कि सीएम नीतीश कुमार आज राज्यसभा के लिए अपना नामांकन दाखिल कर सकते हैं.  नाम वापस लेने की तारीख 9 मार्च है. सूत्रों के अनुसार यदि  महागठबंधन छठवां उम्मीदवार नहीं उतारती है तो एनडीए के सभी पांच  उम्मीदवार 9 मार्च को निर्विरोध चुन लिये जायेंगे. 

इसके बाद नीतीश कुमार अगले सप्ताह मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे सकते हैं. इसके बाद एनडीए विधायकों की बैठक बुला कर नया नेता चुना जायेगा. संभावनाजताई जा रही है  कि इस बार मुख्यमंत्री भाजपा का ही होगा.

 

 

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