Lagatar Desk : अजय देवगन की एक्शन ड्रामा फिल्म चौहान रिलीज को तैयार है.जो 1 अक्टूबर 2027 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी.हाल ही में मेकर्स ने फिल्म का धमाकेदार टीजर रिलीज किया. जिसे यूट्यूब पर 5 मिलियन से ज्यादा व्यूज मिल चुके हैं. जिसके बाद ये फिल्म विवादों में घिर चुकी है.
टीज़र में अजय देवगन का एक डायलॉग, पठानों से कहना, चौहान आ रहा है ने भारी विवाद खड़ा कर दिया है. लोगों का मानना है कि इससे एक विशेष समुदाय (कश्मीरियों/पठानों) की भावनाएं आहत हुई हैं. इसके अलावा, फिल्म में पैलेट गन और कश्मीर की हिंसा को दिखाए जाने के तरीके पर भी सोशल मीडिया पर तीखी बहस छिड़ गई है.
इस पर एक्ट्रेस स्वरा भास्कर ने भी आपत्ति जताई है. वहीं, अब क्षत्रिय परिषद ने चौहान के टीजर पर एक ऑफिशियल बयान जारी किया है. उन्होंने पठानों पर कोई बात ना करते हुए, चौहान वंश पर अपनी राय रखी है.
क्षत्रिय परिषद ने अपने इंस्टाग्राम पर एक बयान जारी कर लिखा है, हम नीरज यादव और अजय देवगन की आने वाली फिल्म 'चौहान' में मौजूदा सांप्रदायिक राजनीति के लिए 'चौहान' कुल के नाम का इस्तेमाल करने की कोशिश की कड़ी निंदा करते हैं.
We strongly condemn the attempt by Neeraj Yadav and Ajay Devgn's upcoming film Chauhaan to appropriate the Chauhan clan name for contemporary communal politics.
— Kshatriya Parishad (@kshatriya_org) June 29, 2026
Rajput history is not a political prop. The legacy of the Chauhans belongs to Rajput history , not to electoral… pic.twitter.com/nDRRKoikv4
वहीं, आगे लिखा है -राजपूत इतिहास कोई राजनीतिक हथियार नहीं है. चौहानों की विरासत राजपूत इतिहास का हिस्सा है, न कि पॉलिटिकल नैरेटिव या बाहरी ताकतों द्वारा खड़े किए गए बनावटी विवादों का. हम वैचारिक मकसद के लिए राजपूत पहचान को हथियार बनाने की हर कोशिश को हर सिरे से खारिज करते हैं.
परिषद ने अपील करते हुए आगे लिखा है, 'ऐतिहासिक पलों को सांप्रदायिक हिंसा का जरिया नहीं बनाना चाहिए. हम राजनीतिक हस्तियों, फिल्म निर्माताओं और मीडिया संगठनों से अपील करते हैं कि वे भारत के इतिहास के साथ जिम्मेदारी से पेश आएं और ऐतिहासिक जटिलताओं का सम्मान करें, न कि विभाजनकारी राजनीतिक बहस के लिए राजपूत विरासत का इस्तेमाल करें.


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