कविता के कोच ने पहले कर दिया था आगाह
कविता दलाल ने कहा कि 2008 और 2010 के बीच की बात थी, तब वेटलिफ्टिंग फेडरेशन के अध्यक्ष एक पूर्व IPS थे. उस वक्त मुझे कैंप के लिए लखनऊ साई सेंटर से परमिशन चाहिए थी. मैंने अध्यक्ष को कहा था कि मुझे फेडरेशन की ओर से लेटर चाहिए, ताकि मुझे डिपार्टमेंट से परमिशन मिल सके. अध्यक्ष के बारे में मेरे को कोच ने मुझे पहले ही आगाह कर दिया था. वह सबकुछ जानते थे, मगर बोलने से बचते थे. मैंने सारी बात अपने पति को बताई. अध्यक्ष के पास परमिशन लेटर की बात करने जाने के दौरान मेरे पति मेरे साथ थे. उन्होंने मुझे हिम्मत दी और कहा कि जाओ कुछ भी ऐसा-वैसा हो तो तुरंत फोन करना. मेरे किस्मत अच्छी थी, मैं परिस्थिति को भांप वहां से बचकर निकल गई. आगे कविता ने कहा कि मुझमें इतनी हिम्मत थी कि मैं उसका सामना कर सकती थी. जरूरत पड़ती तो उसका मुंह भी तोड़कर आ जाती. इसे भी पढ़ें : कुश्ती">https://lagatar.in/wrestling-federations-annual-general-meeting-to-be-held-in-ayodhya-canceled-today/">कुश्तीसंघ की आज अयोध्या में होने वाली एनुअल जनरल मीटिंग रद्द [wpse_comments_template]

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