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एप्सटीन फाइलः भारतीय लड़की भी पीड़ित, मुआवजा के लिए ढ़ूंढ़ रहे अमेरिकी अधिकारी

Lagatar Desk : जेफरी एपस्टीन कांड से संबंधित जारी फाइलों में एक नये फाइल ने सबके होश उड़ा दिए हैं. इस फाइल से पता चला है कि एक भारतीय लड़की भी पीड़ित थी और अमेरिकी अधिकारी पीड़ितों के लिए बने कोष से मुआवजा देने के लिए उसे ढूंढ रही है. दरअसल, 13 जनवरी 2020 को अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुए बातचीत में पीड़िता को ढूंढने के लिए भारत स्थित दूतावास के साथ कॉर्डिनेट करने का निर्देश दिया गया था.
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  • - एक ई-मेल में पूर्व स्वास्थ्य मंत्री हर्षवर्धन के नाम की भी चर्चा

Lagatar Desk: जेफरी एपस्टीन कांड से संबंधित जारी फाइलों में एक नये फाइल ने सबके होश उड़ा दिए हैं. इस फाइल से पता चला है कि एक भारतीय लड़की भी पीड़ित थी और अमेरिकी अधिकारी पीड़ितों के लिए बने कोष से मुआवजा देने के लिए उसे ढूंढ रही है. दरअसल, 13 जनवरी 2020 को अमेरिकी अधिकारियों के बीच हुए बातचीत में पीड़िता को ढूंढने के लिए भारत स्थित दूतावास के साथ कॉर्डिनेट करने का निर्देश दिया गया था.
डेलि पायोनियर की रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2019 में एपस्टीन की मृत्यु के बाद यह ईमेल भेजा गया था. पीड़ितों को मुआवजा देने के संबंध में अमेरिकी अधिकारियों के बीच ईमेल में यह संदेश भेजा गया था कि यदि आपके कोई और प्रश्न हों तो कृपया मुझे कॉल करें. 


एपस्टीन पीड़ित शीर्षक से जारी किए गए ईमेल में आधिकारिक विवरणों को छिपा दिया गया है. यह न्यूयॉर्क अपराध पीड़ित मुआवजा का लिंक www.ny.gov है. कहा गया है कि कृपया उनसे (पीड़ित से) आवेदन पत्र भरवाकर मुझे भेज दें. मैं उन्हें सीधे एफबीआई के दस्तावेज भेज दूंगा. फ्लोरिडा में रहने वाले व्यक्तियों के लिए, कृपया संबंधित चिकित्सक मुझसे संपर्क करें और हम अनुरोध करेंगे कि 6 सत्रों का खर्च हमारी आपातकालीन पीड़ित सहायता योजना के माध्यम से वहन किया जाए.

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ईमेल में अंत में लिखा गया है कि भारत में स्थित उस व्यक्ति के संबंध में यदि आप मुझे उसका पता और संपर्क जानकारी उपलब्ध करा सकते हैं, तो मैं वहां दूतावास में हमारे सहयोगियों के साथ समन्वय करूंगा. 


वहीं एक और दिलचस्प ईमेल बिल गेट्स और एप्सटीन के बीच तत्कालीन केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ हर्षवर्धन के साथ पहले से निश्चित बैठक को लेकर है. 5 जून, 2014 को भेजे गए इस ईमेल में बिल गेट्स पूछते हैं, क्या डॉ वर्धन के साथ आपकी सितंबर 2017 में भारत में होने वाली बैठक निश्चित है?

 

हाल ही में जारी किए गए ईमेल में से एक में दिलीप चेरियन का जिक्र है, जो एक प्रमुख पीआर कंपनी के प्रमोटर हैं. एप्सटीन के सहयोगी, जीनो यू ने 2 अप्रैल 2017 को उनसे पूछा कि क्या वे चेरियन से मिलने में रुचि रखते हैं. क्या आप मेरे दोस्त दिलीप से मिलने में रुचि रखते हैं, जो भारत में बहुत प्रभावशाली हैं? वे 3 से 6 अप्रैल तक पेरिस में हैं.


मैंने अभी-अभी अपनी विज्ञापन और जनसंपर्क कंपनी 160 मिलियन अमेरिकी डॉलर में बेची है, जीनो यू और एप्सटीन के बीच जो बातचीत हुई थी, उसमें यह लिखा था कि 10 जून 2018 के एक अन्य ईमेल में, जिदे ज़ाइट्लिन नाम के एक व्यक्ति ने एप्सटीन से भारत में फर्जी खबरों के बारे में बात की. आज सुबह आपसे बात करके अच्छा लगा.


जैसा कि पहले बताया गया है, भारतीय सुर्खियां पुरानी और झूठी हैं (‘फर्जी खबर’ शब्द के प्रचलन से पहले ही) इस मामले की व्हाइट हाउस और अमेरिकी सीनेट द्वारा नौ साल पहले पूरी तरह से जांच की गई थी और इसे मंजूरी दे दी गई थी. यह भी बता दें कि भारत में झूठे आरोप आईएमआईएल नामक कंपनी के खिलाफ थे.


मैं कंपनी का निदेशक था, लेकिन मेरे खिलाफ व्यक्तिगत रूप से अनुचित कार्रवाई करने का कोई आरोप नहीं था. नौ साल पहले से लेकर अब तक कोई नया आरोप नहीं लगा है. यह मामला भारत में कुछ व्यक्तियों द्वारा एक धनी विदेशी वित्त पोषित कंपनी का फायदा उठाने की कोशिश का था. कंपनी और मुझे ब्लैकमेल करने का प्रयास था, भारत में व्यावसायिक मामलों पर ईमेल में कहा गया है और अंत में यह इस प्रकार समाप्त होता है: हमारे हाल ही में हुए लंच में, हम सब उस बात पर खूब हंसे जिसे उन्होंने भारतीयों के बुरे व्यवहार से प्रेरित 'वाशिंगटन थिएटर' कहा था.


8 जुलाई  2010 के एक अन्य ईमेल में ये भी लिखा था कि एक महिला (नाम छुपाया गया है) एप्सटीन को अपनी उड़ान के अनुभव के बारे में बताती है, जिसमें एक बुजुर्ग भारतीय व्यक्ति ने उसे छुआ था. मैं आपको बताना भूल गई थी, विमान में मेरे बगल में एक बूढ़ा भारतीय व्यक्ति बैठा था जो बहुत ज्यादा शराब पी रहा था. वह मुझे छूता रहा, मुझसे बातें करता रहा और बताता रहा कि मैं कितनी अद्भुत हूं, वह सो गया और जब जागा तो उसने मुझे बाहों में भर लिया और कहा कि वह मुझसे प्यार करता है. मुझे लगा कि तुम मेरे साथ मजाक कर रहे हो.

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