इनवेस्टर्स हो रहे हैं निराश
उधर, पूरा पेमेंट के बाद भी जमीन की रजिस्ट्री नहीं होने से निवेशक निराश हैं. एक कारोबारी ने नाम नहीं छापने की शर्त पर बताया कि जिन व्यवसायियों ने प्रोजेक्ट में पैसा इनवेस्ट किया है, वह पूरी तरह से व्हाइट मनी है. किसी ने बैंक से तो किसी ने कारोबारी दोस्तों से कर्ज लेकर इनवेस्ट किया था. स्मार्ट सिटी में आम लोगों के लिए फ्लैटों के निर्माण का काम पूरा पेमेंट के बाद भी शुरू नहीं हुआ है, जबकि मंत्रियों का बंगला समय से पहले बन गया है. यह स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन की मंशा पर सवाल खड़े करता है, जबकि कॉरपोरेशन को इनवेस्टर्स मीट के दौरान आश्वासन दिया था कि उन्हें कोई समस्या नहीं होगी. अब अपनी पूरी जमा पूंजी लगाने के बाद इनवेस्टर्स परेशान हैं.भूमि हस्तांतरण में तकनीकी पेंच फंसने से हो रही देर- सचिव
रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन लिमिटेड के सीएमडी और नगर विकास सचिव विनय चौबे ने माना है कि कुछ तकनीकी कारणों से जमीन की रजिस्ट्री होने में देर हो रही है. एचईसी से राज्य सरकार को भूमि हस्तांतरण से संबंधित कुछ तकनीकी मामले के कारण पेंच फंस गया है. इसे ठीक करने की प्रक्रिया चल रही है.अबतक 11प्लॉट का हो चुका है ऑक्शन
स्मार्ट सिटी में अबतक कुल 11 प्लॉट का ऑक्शन हुआ है. इनमें अधिकांश आवासीय यूज के प्लॉट हैं. मार्च 2021 में हुई पहले चरण की नीलामी में जिन 9 प्लॉट के ऑक्शन हुए, उनमें छह आवासीय और तीन मिक्स यूज के प्लॉट हैं. पहले चरण में 58 एकड़ क्षेत्र की नीलामी हुई थी. इसके अलावा दूसरे और तीसरे चरण में एक-एक संस्थागत प्लॉटों की नीलामी हुई. इस नीलामी से रांची स्मार्ट सिटी कॉरपोरेशन को 410 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है. इसे भी पढ़ें – मिला">https://lagatar.in/awarded-an-island-in-andaman-named-after-paramveer-albert-ekka-modi-announced/">मिलासम्मान : परमवीर अलबर्ट एक्का के नाम हुआ अंडमान का एक द्वीप, मोदी ने की घोषणा [wpse_comments_template]

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