Ranchi : रांची विश्वविद्यालय के 67वें स्थापना दिवस समारोह का शुभारंभ शुक्रवार को विश्वविद्यालय के आर्यभट्ट सभागार में हुआ.वर्ष 1960 में स्थापित विश्वविद्यालय अपनी गौरवशाली शैक्षणिक यात्रा के 67 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में तीन दिवसीय स्थापना दिवस समारोह का आयोजन कर रहा है.
समारोह के मुख्य अतिथि झारखंड स्टेट एजुकेशन ट्रिब्यूनल के अध्यक्ष नरेंद्र भगत रहे.कार्यक्रम में कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा, रजिस्ट्रार, डीएसडब्ल्यू, विभिन्न संकायों के डीन, विश्वविद्यालय व संबद्ध कॉलेजों के प्राचार्य, पूर्व कुलपति, पूर्व रजिस्ट्रार, पूर्व डीएसडब्ल्यू, शिक्षक, अधिकारी तथा बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे.कार्यक्रम की शुरुआत सामूहिक 'वंदे मातरम्' गायन से हुई, जिसके बाद अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलित कर समारोह का उद्घाटन किया.
इस अवसर पर राष्ट्रपति के हाथों सम्मानित हो चुके विद्यार्थियों को विशेष रूप से सम्मानित किया गया.साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रांची विश्वविद्यालय का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को भी सम्मानित किया गया.
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कुलपति प्रो. (डॉ.) सरोज शर्मा ने कहा कि रांची विश्वविद्यालय की शैक्षणिक और शोध परंपरा समृद्ध रही है.वर्तमान में विश्वविद्यालय में लगभग 16 हजार विद्यार्थी अध्ययनरत हैं और राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) के अनुरूप शिक्षा व्यवस्था को लगातार सुदृढ़ किया जा रहा है.
उन्होंने बताया कि आगामी शैक्षणिक सत्र पूरी तरह नई शिक्षा नीति के प्रावधानों के अनुरूप संचालित होगा.विश्वविद्यालय केवल पाठ्यक्रम आधारित शिक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि कला, संस्कृति, संगीत, नृत्य, फाइन आर्ट्स और शोध गतिविधियों को भी समान महत्व दे रहा है.शोध को बढ़ावा देने के लिए विश्वविद्यालय में रिसर्च एंड डेवलपमेंट सेल की स्थापना भी की गई है.
कुलपति ने बताया कि स्थापना दिवस समारोह के दूसरे दिन विद्यार्थियों की कला, संस्कृति व फाइन आर्ट्स प्रदर्शनी आयोजित की जाएगी, जबकि 12 जुलाई को समापन समारोह में मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा.इसके साथ ही वृक्षारोपण कार्यक्रम के माध्यम से पर्यावरण संरक्षण और सतत विकास का संदेश भी दिया जाएगा.


Leave a Comment