Ranchi : उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा से जुड़े पेपर लीक मामले में आरोपी सोनू शर्मा और मोनू कुमार की ओर से दाखिल अग्रिम जमानत याचिका पर आज सुनवाई हुई. अपर न्याययुक्त योगेश कुमार की कोर्ट में अभियोजन पक्ष की ओर से बहस के लिए समय की मांग की गई.
अब इस मामले की अगली सुनवाई 8 जून को होगी. यह दोनों आरोपी क्वेश्चन पेपर सॉल्व गिरोह के सदस्य हैं. उल्लेखनीय है कि मामले में अब तक 161 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है. वहीं, 6 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज हो चुकी है.
उल्लेखनीय है कि गत 11 अप्रैल को उत्पाद सिपाही भर्ती परीक्षा में पेपर लीक के आरोप में 166 लोगों को गिरफ्तार किया था, इसमें अधिकांश परीक्षार्थी हैं. पुलिस ने सभी को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया था.
तमाड़ के रड़गांव से 166 छात्रों की हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि शनिवार की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ के रड़गांव में एक अर्धनिर्मित स्थान पर लोगों का जमावड़ा लगा है. सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी दल ने 11 अप्रैल की देर रात छापा मारा था.
पुलिस की टीम के पहुंचने पर लोग इधर उधर भागने लगे. इस दौरान पुलिस ने मौके से 166 आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें अंतराज्यीय पेपर लीक और पेपर सॉल्वर गिरोह सरगना के 5 आरोपी अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद भी शामिल हैं. वहीं सात महिला आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है.
बताया जाता है कि गैंग के एजेंटों ने तमाड़ के रड़गांव में अभ्यर्थियों को रखा था और उन्हें प्रश्न का उत्तर (आसंर) रटाया जा रहा था. गैंग ने अभ्यर्थियों के मोबाइल और एडमिट कार्ड अपने पास रख लिए थे. अभ्यर्थियों से 10-10 लाख में सौदा हुआ था.
कुछ अभ्यर्थियों ने गैंग के सदस्यों के नाम पर बैंक चेक भी दिया था. तमाड़ थाना में 166 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी, जिसका कांड संख्या 21/2026 है, दर्ज की गई थी. इनमें 152 पुरुष अभ्यर्थी, 7 महिला अभ्यर्थी, 5 गैंग सरगना एवं अन्य शामिल हैं. गिरफ्तार 166 आरोपियों को 13 अप्रैल को अदालत में पेश किया गया था. इसके बाद इन्हें जेल भेज दिया गया था.
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