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उत्पाद सिपाही पेपर लीक केस :  6 आरोपियों की जमानत याचिका खारिज

झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में जेल में बंद छह आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है. इससे पहले मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.
 

Ranch :  झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में जेल में बंद छह आरोपियों की जमानत याचिकाओं पर अपर न्यायायुक्त योगेश कुमार की अदालत ने फैसला सुना दिया है. कोर्ट ने सभी आरोपियों को जमानत देने से इनकार करते हुए उनकी याचिका खारिज कर दी है.

 

इससे पहले मामले में दोनों पक्षों की सुनवाई पूरी होने के बाद कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था.  आरोपियों की ओर से कहा गया था कि मामले में पैसे के लेन-देन का कोई ठोस साक्ष्य नहीं है. उनकी ओर से अपने तर्क के समर्थन में हाईकोर्ट और सुप्रीम कोर्ट के विभिन्न आदेशों का भी हवाला दिया गया था.

 

बता दें कि अदालत के आदेश के बाद मामले के अनुसंधानकर्ता (IO) ने आरोपियों की आपराधिक इतिहास का रिकॉर्ड और केस डायरी प्रस्तुत किया था. उल्लेखनीय है कि झारखंड उत्पाद सिपाही परीक्षा पेपर लीक मामले में अब तक 161 आरोपियों को जमानत मिल चुकी है.

 

गौरतलब है कि मामले में आरोपी आशीष कुमार, विकास कुमार, योगेश प्रसाद, रंजीत कुमार उर्फ चुनचुन, गुलाब चंद महतो और बुलबुल पांडे उर्फ राज ने जमानत याचिका दाखिल की है. इनमें से तीन आरोपी पेपर सॉल्व गिरोह के एजेंट हैं. 

 

तमाड़ के रड़गांव से 166 छात्रों की हुई थी गिरफ्तारी

गौरतलब है कि 11 अप्रैल की रात पुलिस को सूचना मिली थी कि तमाड़ के रड़गांव में एक अर्धनिर्मित स्थान पर लोगों का जमावड़ा लगा है. सूचना के आधार पर विशेष छापेमारी दल ने 11 अप्रैल की देर रात छापा मारा था. पुलिस की टीम के पहुंचने पर लोग इधर उधर भागने लगे.

 

इस दौरान पुलिस ने मौके से 166  आरोपियों को गिरफ्तार किया. इनमें अंतराज्यीय पेपर लीक और पेपर सॉल्वर गिरोह सरगना के 5 आरोपी अतुल वत्स, विकास कुमार, शेर सिंह, आशीष कुमार और योगेश प्रसाद भी शामिल हैं. वहीं सात महिला आरोपियों को भी गिरफ्तार किया गया है. 

 

बताया जाता है कि गैंग के एजेंटों ने तमाड़ के रड़गांव में अभ्यर्थियों को रखा था और उन्हें प्रश्न का उत्तर (आसंर) रटाया जा रहा था. गैंग ने अभ्यर्थियों के मोबाइल और एडमिट कार्ड अपने पास रख लिए थे. अभ्यर्थियों से 10-10 लाख में सौदा हुआ था.

 

कुछ अभ्यर्थियों ने गैंग के सदस्यों के नाम पर बैंक चेक भी दिया था. तमाड़ थाना में 166 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी, जिसका कांड संख्या 21/2026 है, दर्ज की गई थी. इनमें 152 पुरुष अभ्यर्थी, 7 महिला अभ्यर्थी, 5 गैंग सरगना एवं अन्य शामिल हैं. गिरफ्तार 166 आरोपियों को 13 अप्रैल को अदालत में पेश किया गया था.  इसके बाद इन्हें जेल भेज दिया गया था.

 

 

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