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महंगे तेल से जनता हलकान, पर ऑयल इंडिया का चौथी तिमाही में दोगुना हुआ मुनाफा

LagatarDesk : पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव के नतीजे घोषित होने के बाद से पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों ने तूफान मचा दिया. इस बढ़ती महंगाई ने आम आदमी की कमर तोड़ दी. लेकिन इसका सबसे अधिक फायदा सरकारी तेल कंपनी ऑयल इंडिया लिमिटेड (ओआईएल) को हुआ. वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा दोगुना बढ़ गया. (पढ़े,">https://lagatar.in/latehar-bus-carrying-policemen-from-polling-station-crashes/">पढ़े,

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पिछली वित्त वर्ष में केवल 847.56 करोड़ का हुआ था लाभ

वित्त वर्ष 2021-22 की चौथी तिमाही में ऑयल इंडिया का शुद्ध लाभ 1,630.01 करोड़ रुपये पर पहुंच गया. इससे पिछले वित्त वर्ष 2020-21 की अंतिम तिमाही में कंपनी का शुद्ध लाभ केवल 847.56 करोड़ रुपये था. कंपनी ने किसी भी तिमाही की तुलना में जनवरी-मार्च में अब तक का सबसे अधिक शुद्ध लाभ कमाया है. ओआईएल के निदेशक (वित्त) हरीश माधव ने शुक्रवार को यह जानकारी दी. इसे भी  पढ़े ; मृत">https://lagatar.in/fraud-case-by-telling-dead-child-to-be-alive-court-refuses-to-grant-anticipatory-bail-to-the-director-of-rani-childrens/">मृत

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वित्त वर्ष 2021-22 में कुल 3,887.31 करोड़ का फायदा

ओआईएल का शुद्ध लाभ पूरे वित्त वर्ष 2021-22 के लिए भी बढ़कर 3,887.31 करोड़ हो गया. किसी भी वित्त वर्ष में यह कंपनी का अब तक का सबसे उच्च शुद्ध लाभ है. वित्त वर्ष 2020-21 में कंपनी ने 1,741.59 करोड़ का शुद्ध मुनाफा कमाया था.  2021-22 की चौथी तिमाही में कंपनी का मुनाफा 27 प्रतिशत बढ़कर 4,972.91 करोड़ रहा. जबकि पूरे वित्त वर्ष 2021-22 में 55 प्रतिशत बढ़कर 16,427.65 करोड़ पहुंच गया. रिकॉर्ड मुनाफा होने के बाद कंपनी ने वित्त वर्ष 2021-22 के लिए पांच रुपये प्रति शेयर के डिविडेंड की घोषणा की. इससे पहले इसी वित्त वर्ष में 9.25 रुपये प्रति शेयर का डिविडेंड दिया गया था. इस तरह टोटल डिविडेंड 14.25 रुपये प्रति शेयर हो गया. इसे भी  पढ़े ; लद्दाख">https://lagatar.in/ladakh-accident-dead-body-of-jawan-ramanuj-will-reach-patna-bihar-mourning/">लद्दाख

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क्या है डिविडेंड?

कंपनियां अपने शेयर होल्डर्स को समय-समय पर अपने मुनाफे का कुछ हिस्सा देती हैं. मुनाफे का यह हिस्सा वे शेयर होल्डर्स को डिविडेंड यानी अंतरिम लाभांश के रूप में देती हैं. इसे ही डिविडेंड या डिविडेंड यील्ड स्टॉक कहते हैं.

एक साल में पेट्रोल-डीजल के इतने बढ़े दाम

बता दें कि सरकारी तेल कंपनियों ने पिछले एक साल में पेट्रोल-डीजल के दाम में बेतहाशा वृद्धि की है. जिसकी वजह से तेल की कीमत रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गयी. अप्रैल 2021 में पेट्रोल की कीमत 90.56 रुपये थी. जो अब बढ़कर 105.41 रुपये हो गयी है. इसी तरह पिछले साल अप्रैल में डीजल 80.87 रुपये बिक रहा है. जो अब 96.67 रुपये में मिल रहा है. इसे भी  पढ़े ; देवबंद">https://lagatar.in/conference-of-muslim-organizations-in-deoband-today-5-thousand-muslim-religious-leaders-will-gather-discussion-on-common-civil-code-gyanvapi-is-possible/">देवबंद

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एक साल में 31.50 रुपये महंगा हुआ पेट्रोल

1 अप्रैल 2021 से 1 अप्रैल 2022 तक पेट्रोल के दाम में 85 बार दाम बढ़े हैं. जबकि डीजल की कीमत में 81 बार वृद्धि की गयी है. 1 साल में पेट्रोल 31.50 रुपये और डीजल 29.69 रुपये महंगे हुए हैं. हालांकि एक साल में पेट्रोल 0.50 रुपये और डीजल 1.43 रुपये सस्ता हुआ. वहीं 4 नवंबर को केंद्र सरकार ने पेट्रोल पर 5 और डीजल पर 10 रुपये एक्साइज ड्यूटी कम थी. सभी को मिला दें तो पेट्रोल के दाम 5.50 कम हुए हैं. जबकि डीजल के दाम 11.43 रुपये घटे हैं. इसे भी  पढ़े ; 2">https://lagatar.in/after-2-months-the-decline-stopped-forex-reserves-increased-by-4-23-billion-597-billion-left-in-the-fund/">2

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