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ग्रामीण क्षेत्रों में जांच के नाम पर हो रही खानापूर्ति, रैपिड एंटीजेन टेस्ट से केवल नंबर बढ़ा रही सरकार

Ranchi : झारखंड के ग्रामीण क्षेत्रों में कोरोना के प्रसार को कम करने के लिए सरकार की तरफ से गहन जांच अभियान चलाया जा रहा है, लेकिन यह सिर्फ आंकड़ेबाजी साबित हो सकती है. सरकार सभी संभावित लोगों की जांच रैपिड एंटिजेन टेस्ट (रैट) से कर रही है, जबकि राज्य में रैट से पॉजिटिविटी रेट मात्र 0.3% है. राज्य में ट्रूनेट की पॉजिटिविटी रेट सबसे अधिक 7.33% है. वहीं कोविड टेस्ट में प्रमाणित जांच मशीन आरटीपीसीआर से राज्य में पॉजिटिविटी रेट 2.56 फीसदी है.
हेल्थ विभाग के टेस्टिंग के नोडल पदाधिकारी नमन प्रियेश लकड़ा ने सवाल पूछने पर बताया कि सरकार इस पर भी विचार कर रही है. जिन ग्रामीणों में कोरोना के संभावित लक्षण होंगे और उनकी RAT रिपोर्ट निगेटिव आएगी, उनका कंफर्मेट्री टेस्ट आरटीपीसीआर के माध्यम से किया जाएगा.

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4 दिन में 16 लाख 33 हजार 417 घरों का हुआ सर्वे

25 मई से राज्य में शुरू हुए गहन जांच अभियान से अब तक 16 लाख 33 हजार 417 घरों का सर्वे हो चुका है. इसमें 82 लाख 7 हजार 751 व्यक्तियों का सर्वे किया गया है. इमें 53793 लोगों की रैट टेस्टिंग के लिए अनुशंसा की गई है. इनमें 51605 लोगों की जांच हो पाई है. जांच में 762 लोग संक्रमित पाए गए हैं. इनमें 0-18 वर्ष के 21 बच्चे शामिल हैं. इनमें मात्र 5 लोगों को कोविड केयर सेंटर ले जाने की जरूरत पड़ी है. बाकी सभी होम आइसोलेशन में हैं.

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