Bokaro: चास अनुमंडल में 9 एकड़ विवादित भूमि का मामला अब लगातार तूल पकड़ता जा रहा है. कोर्ट के आदेशों के फेरबदल और विपक्षी पक्ष द्वारा दी जा रही कथित धमकियों से परेशान होकर न्याय की गुहार लगाने पहुंचा बाउरी परिवार चास एसडीएम कार्यालय के बाहर धरने पर बैठ गया है. पीड़ित परिवार का आरोप है कि एसडीएम ने पहले उनसे मिलने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उन्हें यह कदम उठाना पड़ा.
दरअसल, यह पूरा विवाद खाता संख्या 13, प्लॉट संख्या 873 के अंतर्गत आने वाली 9 एकड़ भूमि से जुड़ा है. पीड़ित मीनू बाउरी के परिवार के अनुसार, उन्होंने यह जमीन रामधन महतो से केवाला के जरिए कानूनी रूप से खरीदी थी. हालांकि, रामधन महतो के पोतों ने इस जमीन पर दोबारा अपनी दावेदारी ठोक दी.
दावेदारी के बाद मामला अदालत पहुंचा. साल 2022 में इस भूमि पर स्टे (स्थगन आदेश) लगाया गया था. मामले की समीक्षा के बाद इसी साल 2026 में एसडीएम कोर्ट ने स्टे हटा दिया था, लेकिन इसके तुरंत बाद पुनः स्टे लगा दिया गया. अदालती आदेशों में आ रहे इस उतार-चढ़ाव के कारण पीड़ित परिवार असमंजस में है.
पीड़ित परिवार के सदस्य अरुण कुमार ने विपक्षियों पर बेहद गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि रामधन महतो के पोतों द्वारा उन्हें जमीन पर जाने पर 'गोली मारने' की धमकी दी जा रही है. उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि इस मामले में चीरा चास पुलिस द्वारा भी उन्हें प्रताड़ित और धमकाया गया है. पीड़ित परिवार का कहना है कि वे बेहद असहाय महसूस कर रहे हैं और अगर उन्हें न्याय नहीं मिला, तो उनकी हत्या हो सकती है. इसी डर से परिवार ने ठान लिया है कि जब तक न्याय नहीं मिलता, वे एसडीएम कार्यालय के बाहर से नहीं हटेंगे.
विवाद बढ़ने और परिवार के धरने पर बैठने के बाद प्रशासनिक महकमे में हलचल तेज हो गई है. सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, मामले की गंभीरता को देखते हुए चास एसडीएम प्रांजल ढांडा ने पीड़ित परिवार को बातचीत के लिए अंदर बुलाया है, ताकि मामले का कानूनी समाधान निकाला जा सके.
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