Ranchi News: रांची को फैटी लीवर से मुक्त करने के लिए इस महीने के अंत तक विशेष अभियान शुरू किया जाएगा. बुधवार को सदर अस्पताल में इसे लेकर प्रेस कॉन्फ्रेंस हुई. रक्षा राज्य मंत्री सह सांसद संजय सेठ ने अभियान की जानकारी दी.
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उन्होंने बताया कि इस अभियान का लक्ष्य एक साल में करीब 1.20 लाख लोगों की फैटी लीवर की जांच करना है. अभियान को पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर रांची में चलाया जा रहा है. इसके लिए सदर अस्पताल और Institute of Liver and Biliary Sciences (ILBS), नई दिल्ली के सहयोग से काम किया जाएगा.
अभियान के तहत चार विशेष मेडिकल वाहन लोगों तक पहुंचेंगे. इनमें डॉक्टरों की देखरेख में अल्कोहलिक और नॉन-अल्कोहलिक फैटी लीवर की जांच की जाएगी. दो वाहन रांची पहुंच चुके हैं, जबकि दो अन्य वाहन जल्द उपलब्ध होंगे.
आशा और एएनएम के जरिए शुरुआती जांच की जाएगी. ABCD Risk Score से ज्यादा जोखिम वाले लोगों की पहचान होगी. जरूरत के अनुसार ऐसे लोगों को आगे की जांच, विशेषज्ञों की सलाह और इलाज की सुविधा दी जाएगी.
जिले के सभी प्रखंडों और अनुमंडलीय अस्पतालों के करीब 1,000 स्वास्थ्य कर्मियों को प्रशिक्षण दिया जाएगा. वहीं 500 स्थानों पर मोबाइल मेडिकल वाहन जाकर जांच करेंगे. 100 से ज्यादा स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को भी अभियान से जोड़ा जाएगा.
अभियान में लोगों को सही खान-पान, नियमित व्यायाम और स्वस्थ जीवनशैली के बारे में जागरूक किया जाएगा. संजय सेठ ने कहा कि स्वस्थ नागरिक ही मजबूत भारत की नींव हैं.
सिविल सर्जन डॉ. अमरेंद्र प्रसाद ने कहा कि गलत खान-पान और खराब जीवनशैली से फैटी लीवर का खतरा बढ़ सकता है. समय पर बीमारी की पहचान होने पर जीवनशैली में बदलाव और इलाज से इसे नियंत्रित किया जा सकता है.
अभियान के लिए करीब 1.10 करोड़ रुपये की लागत से एक मशीन और 40 हजार रुपये की लागत से एक वाहन उपलब्ध कराया गया है.
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