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ऑपरेशन सिंदूर का खौफ, पाकिस्तान ने सीमा पास के 72 आतंकवादी लॉन्चपैड्स काफी पीछे हटाये

IG आनंद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स अपनी पोस्टों से मौत के डर से भाग गये थे. स्थिति सामान्य होने पर सभी अपने-अपने स्थानों पर लौट सकते हैं. कहा कि अभी सीमा पर आतंकियों की कोई सक्रिय मूवमेंट नजर नहीं आती है.
 

 New Delhi : ऑपरेशन सिंदूर के बाद पाकिस्तान में मौजूद आतंकियों में हड़कंप मचा हुआ है. सीमा के पास  निर्मित 72 आतंकवादी लॉन्चपैड्स काफी दूर अंदर शिफ्ट कर दिये गये है. बता दें कि सिंदूर के दौरान बीएसएफ ने  बॉर्डर पर कई आतंकी लॉन्चपैड तबाह कर दिये थे.

 

आज शनिवार को बीएसएफ के IG (जम्मू फ्रंटियर)  शशांक आनंद और DIG कुलवंत राय शर्मा  ने  एक जॉइंट प्रेस कॉन्फ्रेंस की. इस अवसर पर  2025 में बीएसएफ  द्वारा हासिल की गयी कामयाबियों की जानकारी दी गयी.  ऑपरेशन सिंदूर में इनकी भूमिका भी शामिल थी.  

 

 बीएसएफ के डीआईजी  ने कहा कि बीएसएफ सरकार के आदेश पर दुश्मन को भारी नुकसान पहुंचाने के लिए हमेशा से तैयार है. बताया कि मई माह में चले चार दिन तक चले संघर्ष के बाद आज तक सेना युद्ध विराम पर कायम है.  


 
डीआईजी के अनुसार अभी सियालकोट और ज़फरवल के गहराई वाले क्षेत्रों में लगभग 12 लॉन्चपैड्स और अन्य क्षेत्रों में 60 लॉन्च पैड्स सक्रिय हैं. बताया कि इस तरह के लॉन्चपैड्स स्थायी नहीं होते.

 

कहा कि आतंकियों को भारत में घुसाने के समय तक ही सक्रिय रहते हैं. उन्होंने यह बात स्पष्ट की कि वर्तमान में सीमा के नजदीक कोई लॉन्चपैड्स नहीं है.


 बीएसएफ के डीआईजी  ने कहा कि पहले जेएम और एलईटी के आतंकी अलग-अलग हिस्सों में सक्रियता दिखाते थे, लेकिन ऑपरेशन सिंदूर के बाद स्थिति बदली है. सारे आतंकियों को मिलाकर ट्रेनिंग दी जा रही है.  
 


इस संबंध में फ्रंटियर शशांक आनंद(IG जम्मू) ने बताया कि अगर सरकार ऑपरेशन सिंदूर को फिर से जारी करने का आदेश देती है, तो बीएसएफ हंड्रेड परसेंट  तैयार है. कहा कि बीएसएफ के पास 1965, 1971, 1999 और ऑपरेशन सिंदूर जैसे विभिन्न युद्धों का अनुभव हासिल है.   


 
IG आनंद ने कहा कि ऑपरेशन सिंदूर के दौरान पाकिस्तानी रेंजर्स अपनी पोस्टों से मौत के डर से भाग गये थे. स्थिति सामान्य होने पर सभी अपने-अपने स्थानों पर लौट सकते हैं. कहा कि अभी सीमा पर आतंकियों की कोई सक्रिय मूवमेंट नजर नहीं आती है. 

 

 

 

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