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इनकम टैक्स में पहली बार घूस लेते महिला अधिकारी अरेस्ट, CBI ने की कार्रवाई

Patna News: आयकर अधिनियम में स्वंसेवी संस्थाओं, ट्रस्ट को आयकर से छूट देने का प्रावधान है. छूट देन से संबंधित प्रमाण पत्र आयकर आयुक्त (Exemption) के कार्यालय से जारी किया जाता है. प्रमाण पत्र मिलने के बाद ट्रस्ट या स्वंसेवी संस्था को मिलने वाली चंदे,दान,अनुदान की राशि पर आयकर नहीं लगता है. सुनंदा कुमार भी कमिशनर (Exemption)  के कार्यालय में पदस्थापित थी.
 
सिंबोलिक फोटो

Patna News: आयकर विभाग में अब महिलाएं भी घूस ले रही हैं. सीबीआई द्वारा घूस लेते रंगे हाथ गिरफ्तार होने वाली श्रीमति सुनंदा कुमार आयकर विभाग की पहली महिला अधिकारी हैं. वह पटना आयकर विभागल(Exemption)  में पदस्थापित थी. वह एक NGO द्वारा टैक्स से छूट पाने के लिए दिये गये दस्तावेज में गलतियों को सुधारने के नाम पर 15 हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार हुई.


आयकर अधिनियम में स्वंसेवी संस्थाओं, ट्रस्ट को आयकर से छूट देने का प्रावधान है. छूट देन से संबंधित प्रमाण पत्र आयकर आयुक्त (Exemption) के कार्यालय से जारी किया जाता है. प्रमाण पत्र मिलने के बाद ट्रस्ट या स्वंसेवी संस्था को मिलने वाली चंदे,दान,अनुदान की राशि पर आयकर नहीं लगता है. सुनंदा कुमार भी कमिशनर (Exemption)  के कार्यालय में पदस्थापित थी.

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सहरसा जिले में चल रही ज्योति विवेकानंद संस्थान नाम NGO टैक्स से छूट पाने के लिए आवेदन और दस्तावेज जमा किया था. NGO की अधिकृत प्रतिनिधि ज्योति मिश्रा, आयकर अधिनियम की 80g के तहत आयकर से छूट का प्रमाण पत्र पाने के लिए विभाग का चक्कर लगा रही थी. 


लेकिन उन्हें तरह-तरह से परेशान किया जा रहा था. बाद में आयकर अधिकारी सुनंदा कुमार ने गलतियों को सुधार कर 12A और 18G सर्टिफिकेट देने के लिए घूस मांगी. उन्होंने ज्योति मिश्रा से अपने लिए 75 हजार और अपने अधीनस्थ कर्मचारी के लिए 10 हजार रुपये की घूस मांगी.


इसके बाद ज्योति मिश्रा ने इसकी शिकायत सीबीआई से की. सीबीआई ने मामले की जांच की और शिकायत को सही पाया. बातचीत के बाद आयकर अधिकारी सुनंदा कुमार अपने लिए 40 हजार और अपने अधीनस्थ कर्मचारी के लिए पांच हजार रुपये घूस लेकर छूट से संबंधित प्रमाण पत्र जारी कराने के लिए सहमत हो गयी. साथ ही पहली किस्त के रुप में अपने लिए 15 हजार और कर्मचारी के लिए ढाई हजार देने पर काम करने को तैयार हो गयी. इसके बाद योजनाबद्ध तरीके से सीबीआई ने 10 सितंबर को सुनंदा कुमार और उनके अधीनस्थ कर्मचारी को ढाई हजार रुपये घूस लेते गिरफ्तार किया.

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