- जेएसएससी की ओर से दस्तावेज वेरीफिकेशन में उम्मीदवारी रद्द किए जाने का आदेश को एकल पीठ ने किया था निरस्त
- महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए निकला था विज्ञापन
Ranchi News : महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में जेएसएससी की अपील से संबंधित मामले की सुनवाई हाईकोर्ट में हुई. जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल एवं अधिवक्ता प्रिंस कुमार ने हाईकोर्ट की एकल पीठ के आदेश पर रोक जारी रखने का आग्रह किया. वहीं मामले में प्रतिवादियों ने जेएसएससी के आग्रह का विरोध किया. साथ ही इस केस की सुनवाई जल्द करने का आग्रह किया.
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हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस एमएस सोनक की अध्यक्षता वाली खंडपीठ ने जेएसएससी का आग्रह मंजूर करते हुए एकल पीठ के आदेश पर लगी रोक को 27 अक्टूबर तक जारी रखने का निर्देश दिया. साथ ही मामले की अगली सुनवाई 27 अक्टूबर को निर्धारित की.
दरअसल, जेएसएससी ने हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति दीपक रोशन की कोर्ट द्वारा आकांक्षा कुमारी एवं अन्य के मामले में 15 मई 2026 को पारित आदेश को अपील दाखिल कर हाईकोर्ट की खंडपीठ में चुनौती दी है. पूर्व की सुनवाई में खंडपीठ ने एकल पीठ की आदेश पर रोक लगाई थी, इस रोक की तिथि आज समाप्त हो रही है.
महिला सुपरवाइजर नियुक्ति मामले में झारखंड स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (जेएसएससी) द्वारा अभ्यर्थियों के दस्तावेज वेरिफिकेशन में त्रुटि निकालकर उनकी उम्मीदवारी रद्द कर दिया था. एकल पीठ ने जेएसएससी द्वारा प्रार्थियों के दस्तावेज वेरिफिकेशन के दौरान उनके उम्मीदवारी रद्द करने के आदेश को निरस्त कर दिया था. साथ ही कोर्ट ने प्रार्थियों को नियुक्ति प्रक्रिया में शामिल कराने का आदेश जेएसएससी को दिया था. एकल पीठ में आकांक्षा कुमारी एवं अन्य की ओर से मामले में याचिका दाखिल की गई थी.
एकल पीठ में प्रार्थी का क्या था पक्ष
हाईकोर्ट की एकल पीठ में सुनवाई के दौरान प्रार्थियों की ओर से कोर्ट को बताया गया था कि महिला सुपरवाइजर के 444 पदों के लिए विज्ञापन निकला था. महिला सुपरवाइजर नियुक्ति के विज्ञापन और नियुक्ति नियमावली में यह कहीं नहीं लिखा हुआ था कि अभ्यर्थियों को सोशियोलॉजी, साइकोलॉजी और होम साइंस में 3 वर्षीय ऑनर्स की डिग्री होना अनिवार्य है.
नियुक्ति के लिए सिर्फ इन तीनों विषयों के साथ ग्रेजुएशन होना जरूरी था. प्रार्थियों ने इन तीनों विषयों में ग्रेजुएशन किया. हालांकि तीन विषय में ऑनर्स डिग्री नहीं लिया है. लेकिन यह तीनों विषयों के साथ ग्रेजुएशन जरूर किया है, जिसमें उन्होंने दो वर्ष तक उक्त तीनों विषयों की पढ़ाई जरूर की है.
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