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वित्तमंत्री ने दी सफाई, दाल-चावल-दही-लस्सी पर GST क्यों ? यह जीएसटी काउंसिल का फैसला, विपक्षी सरकारों की भी सहमति

NewDelhi : केंद्र का मोदी सरकार ने सोमवार, 18 जुलाई को पैकेज्ड और लेबलयुक्त दूध, दही, दाल, आटा आदि रोजमर्रा का सामानों पर 5 फीसदी GST लागू कर दिया. GST लागू किये जाने से महंगाई की मार से त्रस्त आम आदमी का खर्च और बढ़ गया. इसके बाद वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने एक के बाद एक लगातार 14 ट्वीट (Tweet) कर समझाने की कोशिश की है कि इन उत्पादों पर आखिर जीएसटी क्यों लगाया गया? वित्तमंत्री ने बताया कि यह फैसला जीएसटी काउंसिल (GST Counsil) के जिस ग्रुप ऑफ मिनिस्टर्स (GoM) ने लिया है, उनमें पश्चिम बंगाल, राजस्थान, केरल, उत्तर प्रदेश, गोवा और बिहार के सदस्य शामिल थे. इसकी अध्यक्षता कर्नाटक के मुख्यमंत्री कर रहे थे. वित्तमंत्री ने अपने ट्वीट में कहा कि टैक्स लीकेज को रोकने के लिए यह फैसला बेहद जरूरी था. इस मामले में गहन विचार-विमर्श किया गया और सभी सदस्यों की पूर्ण सहमति के बाद जीएसटी काउंसिल ने इसकी सिफारिश दी. इसे भी पढ़ें : हर">https://lagatar.in/on-an-average-1-5-lakh-people-are-leaving-indian-citizens-every-year-america-first-choice-ministry-of-home-affairs-released-the-figures-for-three-years/">हर

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वित्त मंत्री ने GST से मुक्त सामानों की सूची डाली

Finance Minister निर्मला सीतारमण ने अपने 14 ट्वीट में कुछ जरूरी अनाजों की सूची पोस्ट कर उन पर से जीएसटी (GST) हटाए जाने की जानकारी साझा की है. वित्त मंत्री ने लिखा है कि इन खाद्य पदार्थों को खुले में बेचने पर उन पर किसी भी तरह का जीएसटी चार्ज नहीं लगेगा. आप अगर इन्हें खुले में खरीदेंगे तो किसी तरह का कोई टैक्स नहीं लगेगा. इसमें दाल, गेहूं, राई, ओट्स, मकई, चावल, आटा, सूजी, बेसन, मूढ़ी, दही और लस्सी जैसे सामान शामिल हैं. इसे भी पढ़ें :  अडानी">https://lagatar.in/adani-on-the-backfoot-coal-india-canceled-the-contract-worth-4000-crores/">अडानी

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वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने ट्वीट कर कहा

निर्मला सीतारमण ने अपने एक Tweet में कहा कि खाद्य पदार्थों पर कर लगाना नया नहीं है. उन्होंने पूछा, क्या यह पहली बार है, जब इस तरह के खाद्य पदार्थों पर कर लगाया जा रहा है? नहीं. लिखा कि राज्य जीएसटी व्यवस्था शुरू होने से पहले खाद्यान्न से महत्वपूर्ण राजस्व एकत्र कर रहे थे. अकेले पंजाब ने खरीद कर के रूप में खाद्यान्न पर 2,000 करोड़ रुपये से अधिक की वसूली की, जबकि उत्तर प्रदेश ने 700 करोड़ रुपये जुटाए हैं.

वित्त मंत्री ने  कहा, फिटमेंट कमेटी ने की थी सिफारिश

वित्त मंत्री ने एक ट्वीट में कहा कि राज्यों द्वारा वसूले जाने वाले कर को ध्यान में रखते हुए, जब जीएसटी लागू किया गया था, तो ब्रांडेड अनाज, दाल, आटे पर 5% की जीएसटी दर लागू की गयी थी. हालांकि, जल्द ही इस प्रावधान का दुरुपयोग देखने को मिला और धीरे-धीरे इन वस्तुओं से जीएसटी राजस्व में काफी गिरावट आयी. जानकारी दी कि सरकार को फिटमेंट कमेटी ने इस तरह के दुरुपयोग को रोकने के लिए सभी पैकेज्ड और लेबलयुक्त सामानों पर समान रूप से जीएसटी लगाने का प्रस्ताव दिया था. बिना लेबल के उत्पादों पर GST नहीं वित्तमंत्री ने कहा है कि लिस्ट में दिये गये सामान पर किसी भी तरह का जीएसटी नहीं लगेगा, अगर सामान बिना पैकिंग या लेबल के बेचे जा रहे हों. अगर इन चीजों को लेबल के साथ बेचा जाता है तो इन पर 5 फीसदी की दर से जीएसटी लागू होगा. उन्होंने कहा कि इन खाद्य पदार्थों पर से जीएसटी हटाने का फैसला किसी एक व्यक्ति ने नहीं, बल्कि पूरे जीएसटी काउंसिल ने एक प्रक्रिया के तहत लिया है. [wpse_comments_template]

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