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आवश्यकता आधारित शिक्षकों की आर्थिक स्थिति चरमराई

 
Jamshedpur : कोल्हान विश्वविद्यालय में कार्यरत आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यापकों की आर्थिक स्थिति अब चरमरा गयी है. झारखंड राज्य विश्वविद्यालय संविदा शिक्षक संघ के अध्यक्ष राकेश कुमार पांडेय ने बताया कि कोल्हान विश्वविद्यालय में लगभग 150 आवश्यकता आधारित सहायक प्राध्यपक कार्यरत हैं. इन शिक्षकों की आर्थिक स्थिति पूरी तरह चरमरा गई है. कोल्हान विश्वविद्यालय में कार्यरत इन शिक्षकों को फरवरी महीने से वेतन नहीं मिला है. आलम यह है कि बच्चों की फीस, घर का किराया, राशन वाले का बकाया भुगतान नहीं हो पा रहा है,जिस कारण इन्हें परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है. इसे भी पढ़ें : आठवीं">https://lagatar.in/96-students-of-municipal-bungalow-middle-school-of-chaibasa-are-successful-in-8th-board/">आठवीं

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राकेश कुमार पांडेय ने कहा है कि विश्वविद्यालय में बिल जमा है, फिर भी भुगतान नहीं होना चिंता का विषय है. राज्य सरकार ने एलॉटमेंट शायद नहीं भेजा है. जब-तक एलॉटमेंट नहीं आता है, तब तक भुगतान होने की उम्मीद नहीं है. पांडेय ने कहा कि बहुत सारे विभाग आवश्यकता आधारित शिक्षकों के भरोसे ही चल रहे हैं. एक तो मई महीने की गर्मी उपर से वेतन न मिलने से शिक्षक मानसिक रुप से भी पीड़ा झेल रहे हैं. जल्द ही संघ का प्रतिनिधिमंडल विश्वविद्यालय के प्रभारी कुलपति और राज्यपाल सह कुलाधिपति से मिलकर वेतन भुगतान की गुहार लगाएगा. इसे भी पढ़ें : मतगणना">https://lagatar.in/deputy-commissioner-held-a-review-meeting-regarding-preparations-for-counting-of-votes/">मतगणना

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