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अवैध खनन को विभागीय मंत्री स्वीकारा
विभागीय मंत्री ने विधायक अंबा प्रसाद के प्रश्न किए गए मामले पर सभी बातों को लिखित रूप से स्वीकारा व जवाब दिया है कि एनटीपीसी परियोजना में भारत सरकार से स्टेज-2 में लगाई गई शर्त संख्या आठ का उल्लंघन करते हुए दोमुहानी नाला में 37.20 हेक्टेयर भूमि पर अवैध खनन किया गया है. इसकी सूचना पूर्ण विवरण के साथ राज्य सरकार एवं भारत सरकार को समर्पित है. भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली की ओर से इस मामले को फॉरेस्ट एडवाइजरी कमिटी की बैठक में रखा जा चुका है. भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली के आदेश के माध्यम से जांच के लिए समिति का गठन किया गया है एवं भारत सरकार पर्यावरण वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय नई दिल्ली के पत्र के माध्यम से दिनांक 17 फरवरी 2023 के माध्यम से समिति को प्रतिवेदन शीघ्र समर्पित करने का अनुरोध भी किया गया है. इसका स्थल भ्रमण भी निकट भविष्य में संभावित है. उसके बाद भारत सरकार नई दिल्ली ने प्राप्त निर्देश के आलोक में कार्रवाई का आश्वासन दिया. विभागीय मंत्री से प्राप्त आश्वासन के बाद सरकार से अंबा प्रसाद ने दोषी अधिकारियों और कर्मियों पर कार्रवाई की मांग की. अंबा ने वन एवं वन भूमि को बचाने के लिए कदम उठाने तथा खान एवं खनिज अधिनियम, वन अधिनियम, वन्य प्राणी अधिनियम एवं वन संरक्षण अधिनियम की अनदेखी कर अवैध रूप से खनिज निकालने पर एनटीपीसी के दोषी अधिकारियों पर आईपीसी की धाराओं में फॉरेस्ट केस और एफआईआर दर्ज कर दंडात्मक कार्रवाई करने एवं जंगल और खनिज की क्षति पर लगाम लगाने की मांग की. इसे भी पढ़ें : भ्रष्टाचार">https://lagatar.in/chief-engineer-birendra-ram-accused-of-corruption-suspended/">भ्रष्टाचारके आरोपी चीफ इंजीनियर बीरेंद्र राम हुए सस्पेंड [wpse_comments_template]

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