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BIT Mesra में ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन पर पांच दिवसीय कार्यशाला 1 सितंबर से

Ranchi News :कार्यशाला 1 से 5 सितंबर 2026 तक चलेगी. इसका आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, झारखंड और झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (JREDA) के सहयोग से किया जा रहा है. कार्यशाला में ECSBC अनुपालन पर विशेष जोर दिया जाएगा.
 
बीआईटी मेसरा

Ranchi News : बिरला प्रौद्योगिकी संस्थान (बीआईटी), मेसरा के वास्तुकला व योजना विभाग की ओर से ‘ऊर्जा सिमुलेशन के साथ ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन’ विषय पर पांच दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है. 

 

 

कार्यशाला 1 से 5 सितंबर 2026 तक चलेगी. इसका आयोजन इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ आर्किटेक्ट्स, झारखंड और झारखंड नवीकरणीय ऊर्जा विकास अभिकरण (JREDA) के सहयोग से किया जा रहा है. कार्यशाला में ECSBC अनुपालन पर विशेष जोर दिया जाएगा.

 

कार्यशाला का उद्देश्य भवन निर्माण के क्षेत्र में ऊर्जा दक्षता और टिकाऊ डिजाइन को बढ़ावा देना है. वर्तमान में भवन क्षेत्र वैश्विक स्तर पर करीब 40 प्रतिशत ऊर्जा खपत के लिए जिम्मेदार है. ऐसे में ऊर्जा-कुशल और पर्यावरण के अनुकूल भवनों के डिजाइन को बढ़ावा देना जरूरी है. 

 

कार्यशाला के माध्यम से प्रतिभागियों को ग्रीन बिल्डिंग डिजाइन की तकनीकों और ऊर्जा दक्षता के व्यावहारिक पहलुओं से परिचित कराया जाएगा.कार्यशाला में वास्तुकला और ऊर्जा दक्षता के क्षेत्र के विशेषज्ञ प्रतिभागियों के साथ अपना अनुभव और तकनीकी ज्ञान साझा करेंगे. प्रमुख वक्ताओं में इंटरनेशनल एनर्जी एफिशिएंसी एक्सपर्ट पी.सी. थॉमस, स्थिरता वास्तुविद् तन्मय तथागत और बैम्बू आर्किटेक्चर की अग्रणी वास्तुविद् नीलम मंजूनाथ शामिल हैं. 

 

इनके अलावा अन्य विशेषज्ञ और विशिष्ट अतिथि भी कार्यक्रम में शामिल होंगे.कार्यशाला में छात्रों और प्रतिभागियों को बिल्डिंग एनर्जी सिमुलेशन, थर्मल कंफर्ट और नवीकरणीय ऊर्जा के एकीकरण की जानकारी दी जाएगी. 

 

इसके साथ ही DesignBuilder और EnergyPlus जैसे उन्नत सॉफ्टवेयर के माध्यम से व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया जाएगा. इससे प्रतिभागियों को ऊर्जा-कुशल भवनों के डिजाइन और विश्लेषण से जुड़े डिजिटल कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा.

 

कार्यशाला का उद्देश्य प्रतिभागियों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर निर्धारित वास्तुकला एवं स्थिरता मानकों के अनुरूप भवन डिजाइन करने के लिए तैयार करना है. आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम भविष्य के आर्किटेक्ट्स के लिए टिकाऊ निर्माण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण अनुकूल वास्तुकला की दिशा में महत्वपूर्ण सीख प्रदान करेगा.

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