Ranchi : रिम्स निदेशक राजकुमार, चिकित्सा अधीक्षक हिरेंद्र बिरुआ और संपदा पदाधिकारी शिव प्रिये ने हाल ही में भवन निर्माण विभाग के सचिव सह जेएसबीसीसीएल के एमडी अरवा राजकमल के साथ बैठक कर संस्थान परिसर में चल रहे निर्माण और नवीनीकरण कार्यों की प्रगति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तृत चर्चा की.
यह बैठक झारखंड हाईकोर्ट में दायर एक जनहित याचिका के संदर्भ में आयोजित की गई. न्यायालय ने रिम्स से जुड़े इंफ्रास्ट्रक्चर विकास, उपकरणों की खरीद और मानव संसाधन की नियुक्ति से संबंधित कार्यों को 30 मई तक पूरा कर रिपोर्ट प्रस्तुत करने का निर्देश दिया है. इसी को ध्यान में रखते हुए लंबित कार्यों की समीक्षा की गई.
बैठक में जेएसबीसीसीएल की ओर से निर्माण कार्यों की प्राथमिकता सूची साझा की गई. आगामी मानसून को देखते हुए सबसे पहले परिसर के सीवरेज और ड्रेनेज सिस्टम को दुरुस्त करने पर जोर दिया गया, ताकि बारिश के दौरान जलजमाव की समस्या से बचा जा सके.
रिम्स प्रशासन ने मानसून को ध्यान में रखते हुए छत और बेसमेंट में चल रहे कार्यों को तेजी से पूरा करने का अनुरोध किया, ताकि बरसात में किसी तरह की परेशानी न हो.
इसके अलावा रिम्स की ओर से पुराने शैक्षणिक भवन को भी आईपीडी नवीनीकरण योजना में शामिल करने का आग्रह किया गया. प्रशासन ने बताया कि पुराना अस्पताल भवन और शैक्षणिक भवन आपस में जुड़े हुए हैं, इसलिए दोनों को एक साथ शामिल करने से कार्यों में बेहतर समन्वय बना रहेगा.
बैठक में नए आईपीडी भवन के निर्माण को लेकर भी चर्चा हुई. रिम्स प्रबंधन ने अनुरोध किया कि नए भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू की जाए, ताकि भविष्य में मरीजों को वहां स्थानांतरित किया जा सके.
इस दौरान यह सहमति बनी कि पुराने आईपीडी और ओपीडी भवनों के नवीनीकरण में अत्यधिक आधुनिकीकरण की आवश्यकता नहीं है, क्योंकि इनकी उपयोगिता अवधि लगभग 10 से 15 वर्ष आंकी गई है. इसलिए कार्ययोजना उसी अनुसार तैयार की जाएगी.
दोनों पक्षों ने निर्माण और नवीनीकरण कार्यों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए समन्वय के साथ काम करने पर सहमति जताई, ताकि निर्धारित समय सीमा के भीतर प्रगति सुनिश्चित कर न्यायालय को रिपोर्ट सौंपी जा सके.
इधर रिम्स के अधिकारियों ने कार्मिक विभाग के सचिव प्रवीण टोप्पो से मुलाकात कर सीनियर रेजिडेंट और अन्य कर्मियों की नियुक्ति के लिए रोस्टर को जल्द स्वीकृति देने का अनुरोध किया. इस पर सचिव ने एक सप्ताह के भीतर रोस्टर मंजूर करने का आश्वासन दिया, जिससे नियुक्ति प्रक्रिया शीघ्र शुरू हो सके.
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